रोमांटिक कहानियां – | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru 100% Free Hindi Sex Stories - Sex Kahaniyan Wed, 03 Apr 2019 07:30:23 +0000 en-US hourly 1 /> //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/wp-content/uploads/2018/10/MSI-FEVICON-3-150x150.png रोमांटिक कहानियां – | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru 32 32 मस्ती मे सराबोर होकर चुदाई करवाई | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/%e0%a4%ae%e0%a4%b8%e0%a5%8d%e0%a4%a4%e0%a5%80-%e0%a4%ae%e0%a5%87-%e0%a4%b8%e0%a4%b0%e0%a4%be%e0%a4%ac%e0%a5%8b%e0%a4%b0-%e0%a4%b9%e0%a5%8b%e0%a4%95%e0%a4%b0-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be.html#respond Wed, 03 Apr 2019 07:30:23 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14565 बिनोद मेरे उरोज सहलाता, फिर कभी हिप को सहलाता, १० मिनट तक ऐसे ही पड़े पड़े मैंने उसे बहुत गालियाँ दी फिर भी वो बेचारा चुपचाप मुझे प्यार से सहलाता रहा ! फिर धीरे धीरे उसने अपना लंड हिलाना शुरू किया, जब मुझे मज़ा आना शुरू हुआ.

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हाय दोस्तों ! सभी पाठको को हिनाया का नमस्कार ! अब जाकर मुझमे भी एक जोश आया है कि अपनी कहानी आप सभी के साथ बाँट सकूँ !

यह कहानी मेरे पहले सेक्स की है जब मैं ग्यारहवीं कक्षा में थी! मेरे स्कूल में को-एजुकेशन थी यानि की लड़के और लड़कियां साथ में पढ़ते थे ! घर से स्कूल लगभग दो किलोमीटर दूर था, कभी पापा स्कूल छोड़ आया करते थे कभी मैं खुद पैदल में चली जाया करती थी !ओह्ह्ह्ह सॉरी आप बोर हो रहे होंगे, सो मुद्दे पे आती हूँ !

एक दिन मैं साइकिल से स्कूल जा रही थी। उस दिन सुबह से हल्की हल्की बारिश हो रही थी। एक मन था कि स्कूल न जाऊँ पर फिर भी मैं चली गई ! रास्ते में कीचड़ था। तभी एक रिक्शे वाले ने जानबूझकर मेरी साइकिल में साइड मार दी, जिससे मैं नीचे गिर पड़ी और मेरे सारे कपड़े कीचड़ से गंदे हो गए ! तभी बिनोद ने उस रिक्शे वाले को भाग कर पकड़ लिया !

बिनोद मेरी क्लास में था और मेरी अच्छी दोस्ती थी उससे ! पर मैंने उस तरफ ध्यान नहीं दिया क्योंकि मेरे सारे कपड़े गंदे हो चुके थे और कोहनी भी थोड़ी छिल गई थी। मेरी आँखों से आंसू टपक पड़े ! मुझे अपने आप पर बड़ी कोफ़्त हुई कि इससे तो स्कूल ना में आती तो अच्छा होता !

तब तक बिनोद रिक्शे वाले को मरता हुआ मेरे पास ले आया। वो लगातार उस रिक्शे वाले को मार रहा था और गन्दी गन्दी गालियां दे रहा था ! बिनोद का घर सामने वाली गली में में था इसलिए वो और रोब झाड़ रहा था !

बिनोद ने रिक्शे वाले के कॉलर को झटका दिया और बोला- भोसड़ी के ! तुझे इतनी बड़ी साइकिल नहीं दिखी, साले गांडू !!!!! रिक्शा वाला हाथ जोड़ कर बोला- भाईसाब ! गलती हो गई माफ़ कर दो ! तब तक काफी भीड़ इकठ्ठा हो चुकी थी।

बिनोद बोला- साले, मुझसे क्या माफ़ी मांगता है मादरचोद … इन से माफ़ी मांग … बिनोद का इशारा मेरी तरफ था … ! मुझे गुस्सा तो बहुत आ रही थी पर भीड़ के सामने अच्छा भी नहीं लग रहा था ! तब मैंने बिनोद को बोला कि रिक्शे वाले को जाने दे ! पर बिनोद ने दो और थप्पड़ जड़कर ही रिक्शे वाले को जाने दिया ! और बिनोद मेरे पास आकर बोला- अरे हिनाया, तुम्हारे तो सारे कपड़े गंदे हो गए ! अब स्कूल कैसे जाओगी ???????

“नहीं ! अब स्कूल नहीं जाउंगी, वापस घर जाऊँगी !”मैंने जबाब दिया!

इन कपड़ो में वापस घर ? नहीं नहीं ! चलो, मेरे घर चलो वहां आराम से कपडे साफ़ कर लेना ! बिनोद ने मेरी साइकिल को उठाते हुए कहा ! मैंने कुछ सोच कर कहा- चलो, यही ठीक रहेगा ! पर तुम भी तो स्कूल के लिए लेट हो जाओगे ??????

अरे ! आज स्कूल में क्या घंटा करेंगे जाकर ? बारिश में तो मैडम भी नहीं आती पढ़ाने ! वो हँसता हुआ बोला ! और मेरे साथ चल पड़ा मेरी साइकिल लेकर पैदल पैदल !

उसका घर सामने ही था ! अपने घर के सामने साइकिल स्टैंड पर लगा कर बिनोद घर का ताला खोलने लगा ! बिनोद, क्या घर पर कोई नहीं है तुम्हारे? मैंने पूछा!

बिनोद- नहीं !

क्यों ? अंकल आंटी कहाँ गए हैं? मैंने फिर सवाल किया !

बिनोद- अरे मम्मी, पापा तो ऑफिस चले जाते हैं ना ! और नेहा दीदी अपने कॉलेज गई हैं !

ओके ! मैं हल्के से सब बात समझने के अंदाज़ में बोली !

बिनोद की मम्मी, पापा सरकारी बैंक के कर्मचारी थे ! और नेहा उसकी बड़ी बहन थी जो कॉलेज में थी ! उस समय घर में मेरे और बिनोद के अलावा कोई नहीं था ! मुझे इसमें कोई परेशानी नहीं थी क्योंकि बिनोद मेरा अच्छा दोस्त था और मेरी में उम्र का था। बिनोद सीधे बाथरूम में गया और नल खोल के देखा, नल में पानी नहीं था !

“ओह शिट् ! आज भी पानी नहीं आ रहा -बिनोद झुंझलाते हुए बोला- हिनाया एक काम करो, मैं हैण्ड पम्प चलाता हूँ और तुम हैण्ड पम्प के नीचे बैठ कर नहा लो !

मेरा मूड और ख़राब हो गया, पर मरती क्या ना करती ! अनमने भाव से बोली- ठीक है ! चलो चलाओ हैण्ड पम्प और मैं हैण्ड पम्प के नीचे बैठ कर नहाने लगी, मैं सूट सलवार में थी और ऐसे ही नीचे बैठ कर नहाने लगी !

बिनोद नल चला रहा था अब मैं मसल मसल कर कीचड़ साफ़ कर रही थी। बिनोद लगातार मुझे घूर रहा था, उसकी आँखों में एक चमक आ गई थी और मैं जानती थी कि वो क्या सोच रहा है ! उसकी पैन्ट की चैन वाला भाग बढ़ता जा रहा था और मुझे यह देख कर अच्छा लग रहा था ! मैं हलके हलके मुस्कुरा रही थी !

हिनाया ! अरे कमीज़ उतार कर आराम से साफ़ कर लो यार ! कीचड़ अन्दर तक लगा है ! -अचानक वो बोला! तुम पागल हो क्या ? भला तुम्हारे सामने नंगी होकर नहाउंगी क्या?- मैं शरमाते हुए बोली!

अरे तो क्या हुआ? मैं आँखे बंद कर लूँगा – वो हंसते हुए बोला!

मेरे मन में शरारत समां चुकी थी। आखिर मैं जवानी में कदम रख रही थी, दिल का कीड़ा कुलबुलाने लगा और मन में मन मैं बिनोद को पसंद भी करती थी। पर आज तक प्यार-व्यार वाली कोई बात नहीं थी ! मैंने कुछ करने की मन में मन में ठान ली और कुछ देर सोच कर बोली- अच्छा ठीक है ! पर वादा करो कि आँखे बंद रखोगे !

ठीक है मेरी माँ ! अब ज्यादा नाटक ना करो ! दिक्कत तुम्हें है, मुझे नहीं ! -बिनोद किलसता हुआ बोला! ओके … चलो आँखे बंद करो ! मैं अपना शर्ट उतारते हुए बोली और अच्छे से नहाने लगी !

मुझे शर्म आ रही थी पर अब मैं कुछ और मूड में थी ! बिनोद मुझे देखकर आश्चर्य चकित हो रहा था ! उसकी आँखे बंद होने की बजाये और अधिक चौड़ी हो गई थी ! वो लगातार नल चला रहा था ! वैसे इस सबका एक और तरीका यह भी था कि मैं बाल्टी भर कर बाथरूम में भी नहा सकती थी, पर मैं कुछ और सोचे बैठी थी!

अचानक बिनोद मेरे पास आ गया, नल चलाना उसने छोड़ दिया और मेरा बायाँ हाथ पकड़ कर मुझे ऊपर उठा लिया और मुझे अपनी बाँहों में लपेटने लगा !

यह क्या बदतमीजी है बिनोद ! तुम पागल तो नहीं हो गए हो ! – मैं बनाबटी गुस्सा दिखाते हुए उसकी गिरफ्त से छूटने की नाकाम कोशिश करने लगी !

हिनाया ! आई लव यू … आज मुझे अपने से अलग न करो प्लीज ! हिनाया तुम इतनी सुन्दर हो कि मैं तुम्हें प्यार करना चाहता हूँ ! आज मुझे मना मत करना -वो गिड़गिड़ाता सा बोला और मुझे बेतहाशा चूमने लगा !

मैं भी गरम होने लगी थी ! पर अभी एकदम हथियार डाल देना सही नहीं था ! बिनोद ये ठीक नहीं है,,,,,,,,,दूर हटो मुझसे मैं अंकल आंटी से कह दूंगी ! मैंने थोड़ी और स्यानपती दिखाई !

हिनाया ! प्लीज, पापा से मत कहना ! मैं कुछ नहीं करूँगा ! बस एक किस ही करूँगा ! वो बोला!ठीक है ! पर किस से ज्यादा कुछ नहीं ! नहीं तो मैं अंकल को बोल दूंगी! मैंने हथियार डालते हुए कहा !

उसे तो मुँह मांगी मुराद मिल गई ! उसने मेरे होंठों को अपने होंठों मैं कैद कर लिया और मज़े से चूसने लगा! मेरी उत्तेजना बढ़ती जा रही थी। मैं भी उसका पूरा साथ देने लगी! उसने मुझे बुरी तरह से बाँहों मैं जकड़ा हुआ था और फिर उसने अपना दायां हाथ मेरे दाहिने स्तन पे रख दिया। मेरी आँखें फटी की फटी रह गई, शरीर में एक झुरझुरी सी दौड़ गई !

मैं उससे मना करना चाहती थी पर उसने मेरे होंठ अपने होंठों से जोड़ रखे थे ! बिनोद का दूसरा हाथ मेरे हिप पर पहुँच गया और उसने कसके मुझे ऊपर उठा लिया और फिर दाहिना हाथ मेरे स्तन से हटाकर मेरी कमर में डालकर मुझे पूरी तरह से अपनी गोद में उठा लिया!

मैंने भी अपनी बाहें उसके गले मैं डाल दी ! इस सब के दौरान हमारे होंठ एक सेकंड को भी जुदा नहीं हुए ! वो मुझे उठाकर अपने बेडरूम में ले आया और बिस्तर पे पटक दिया। मैंने सलवार नहीं उतारी थी जो कि पूरी तरह से गीली थी। बिस्तर भी गीला होने लगा। मैंने उठने की कोशिश की लेकिन बिनोद ने उठने नहीं दिया और मुझे अपनी बाहों में लिपटाकर मेरे होंठों का रसपान करता रहा। फिर धीरे से मेरी सलवार का नाड़ा खोलने लगा ! मैंने बिनोद के हाथ पकड़ लिया पर वो नाड़ा खोल कर ही माना और सलवार को भी जबरदस्ती उतार दिया !

अब मैं केवल ब्रा और पैंटी मैं थी, मेरी आँखों से आंसू छलक आये ! “अरे यार रोना मत !” वो ये देख कर बोला ! और उसने मुझे छोड़ दिया ! मैं तकिये मैं मुँह देकर रोने लगी वो थोड़ी देर खड़ा होकर सोचने लगा। फिर पता नहीं कहाँ से एक तौलिया लेकर मेरे पास आया और बोला- हिनाया ! आय ऍम वैरी वैरी सौरी ! प्लीज, मुझे माफ़ कर दो और यह लो तौलिया और अपना बदन साफ़ कर लो !

मैं लगातार रोये जा रही थी और उसकी तरफ भी नहीं देखा मैंने मुड़कर ! तभी वो मेरी कमर को तौलिया से पोंछने लगा और टांगो को साफ़ करने लगा मैं करवट लेकर लेटी थी और मेरा चेहरा तकिये में धंसा हुआ था। उसका धीरे से मेरा बदन पर स्पर्श अच्छा लग रहा था

फिर मैं उठकर बैठ गई और उसकी आँखों में ना जाने ढूँढने लगी ! वो बड़ा प्यारा लग रहा थ मुझे !फिर मैंने झट से उसका चेहरा अपने हाथो में लेकर होंठ से होंठ भिड़ा दिए ! अब उसने भी मुझे भींच लिया और मेरे होंठों को पीने लगा ! अब मेरे हाथ उसकी शर्ट के बटनों से खेल रहे थे सारे बटन खुलते ही उसने अपनी शर्ट निकाल फेंकी और अपने हाथ पीछे ले जाकर मेरी ब्रा का हुक भी खोल दिया और ब्रा को मेरे स्तन से अलग कर दिया ! मेरे दूधिया उरोज हिलते हुए अलग हो गए !

बिनोद एक तक देखता ही रह गया और बोला- हिनाया ! तू क्या माल है यार ! अब तक कैसे बच गई मेरे हाथ से ! मेरी हंसी छुट गई ! और फिर उसने मेरे टेनिस बॉल के आकार के स्तनों को हाथों में ले लिया। फिर दाहिने स्तन के निप्पल को अपने मुँह में भर कर चूसना शुरू कर दिया !

मैं मस्ती से सराबोर हो उठी और उसका सर अपने हाथों से अपनी छाती पर दबाने लगी! तभी उसने मेरे दूसरे निप्पल को अपनी उंगलियों से मसल दिया! आईईइ… … क्या कर रहा है … दर्द हो रहा है ! मैं चिल्ला उठी !

वो और जोश में आक़र मेरे स्तन को चूसने लगा! मेरी हालत ख़राब होने लगी, मैं अपने हाथ से अपनी बुर रगड़ने लगी ! फिर हाथ ऊपर लाकर उसकी पैन्ट को खोलने लगी। वो बदस्तूर स्तनपान करे जा रहा था जैसे कितने जन्मों का प्यासा हो ! पैन्ट की जिप खुलते ही उसने अपनी पैन्ट जल्दी जल्दी उतार दी पर इस काम के बीच उसके होंठ और एक हाथ मेरे बूब्स पे लगे रहे !

अब उसने मेरी पेंटी भी उतार फेंकी ! मेरा हाथ जैसे ही उसके अण्डरवियर से छुआ, मुझे करंट लगा। उसने मौके की नजाकत को समझते हुए अपना अंडरवियर भी उतार फेंका और मेरा हाथ ले जाकर अपने लिंग पे रख दिया ! पहले तो मैंने शरमा कर अपना हाथ छिटक दिया ! पर उसने दोबारा मेरा हाथ अपने लिंग पर रख दिया और इस बार उसने अपना हाथ भी मेरे हाथ से लगाये रखकर मुठ्ठी भीच दी !

अब बिनोद का लिंग मेरी मुठ्ठी में था! मुझे लिंग का स्पर्श अच्छा लगा ! एकदम लकडी की तरह कड़ा हो चुका था उसका लिंग ! मैंने अंदाजा लगाया कि उसका लिंग करीब ५.५” से ६” के लगभग था और २” मोटा रहा होगा !

मैं उसका लिंग सहलाने लगी ! तभी बिनोद ने अप्रत्याशित हरकत कर दी, उसने अपनी ऊँगली से मेरी बुर को छेड़ दिया मैं चिहुंक उठी- आअह्ह्ह्ह्हऽऽ बिनोद आराम से !

पर वो कहाँ मानने वाला था, उसने फिर अपनी एक ऊँगली मेरी बुर में घुसा दी ! मैं उछल के उससे लिपट गई उसने फिर मुझे सीधा लिटा दिया और मेरी टांगें चौड़ी करने लगा ! मैंने अपनी बुर को अपने हाथों से ढक लिया, आँखे बंद कर ली और टांगों को आपस में भींचने की कोशिश करने लगी ! बिनोद ने मेरे हाथ को हटा कर एक चुम्बन मेरी बुर पे ले लिया!

सीईईईईईईईईईईईइऽऽऽ मेरी सीत्कार छुट गई, अपने आप को संभाला मुश्किल हो गया ! दांतों से निचला होंठ काटने लगी और दोनों हाथों को ऊपर ले जाकर तकिये को मसलने लगी, मेरा शरीर कांप रहा था ! बिनोद अपनी जीभ से मेरी बुर चाट रहा था !

जब मैं मज़े के चरम पे पहुंची तो मैंने बिनोद को अपने ऊपर खींच लिया- जल्दी कुछ करो बिनोद ! मेरी चूत में कुछ कुछ हो रहा है ! आह्ह्हऽऽऽ ! मैं मर जाऊँगी ! प्लीज जल्दी कुछ करो !!!!! मैं पता नहीं क्या क्या बोले जा रही थी, मुझे नहीं पता !

मेरी जान, आज कसम से मज़ा आ जायेगा तुझे ! बिनोद बोला ! और उसने अपने लंड पे थूक लगाया और मेरी चूत तो पहले ही गीली हो चुकी थी ! चूत के मुहाने पे टिका कर एक हल्का सा धक्का मारा ! लंड का अग्र भाग चूत में धंस गया।

मैं चिल्ला पड़ी- आईईईईईईईईईई मम्मी ! मैं मरी ! तू पागल है बिनोद ! तू कुत्ता है ! तू कमीना है ! मेरी आँख से आंसू निकल पड़े !

मेरा पहला सेक्स था, इसलिए ज्यादा दर्द हो रहा था और शायद बिनोद का भी पहला ही था !! शायद ! इसलिए क्यूंकि उसको देखकर लग नहीं रहा था कि वो पहली बार कर रहा है ! पर चूँकि उसने बताया था कि मैं ही उसके जीवन मैं पहली लड़की थी जिसके साथ यह सब कर रहा है!

उसने अपना लंड कुछ देर थामे रखा और मेरे उरोज सहलाता रहा। मुझे कुछ शांति मिली। मैंने नीचे से कूल्हे उचकाना शुरू किया तो उसने मेरी कमर को पकड़ कर एक जोरदार धक्का मारा !हईईईईए राम मुम्म्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य्य मैं मरी ! आआआआअह्ह्ह बिनोद ! पागल है क्या तू ! इतना ही चीख पाई कि उसने अपने होंठों को मेरे होंठों पर कस दिया !

उसका आधा से ज्यादा लंड चूत में घुस चुका था ! मेरी जान निकली जा रही थी और आँखों से आंसू लगातार बह रहे थे, साँस लेने में भी दिक्कत हो रही थी ! कुल मिलाकर यह लग रहा था कि आज मैं मरने वाली हूँ !

मैंने जबदस्ती उसके होंठों से अपने होंठ छुड़ाये ! फिर थोड़ी देर साँस लेकर रोने लगी ! मुझे रोता देख बिनोद डर गया पर उसने अपना लंड बाहर नहीं निकाला- हिनाया कुछ नहीं होगा ! पहली बार ऐसा ही होता है ! अभी सब ठीक हो जायेगा !

हाई मम्मी ! आईईई रीईई रामा ! आआआअह्ह्ह्ह्ह ! बिनोद, आई हेट यू ! यू आर फूल ! कुत्ता ! हाई ! तू कमीना ! हाई ! तू ! फिर पता नहीं क्या क्या कहा मैंने उसे !

बिनोद मेरे उरोज सहलाता, फिर कभी हिप को सहलाता, १० मिनट तक ऐसे ही पड़े पड़े मैंने उसे बहुत गालियाँ दी फिर भी वो बेचारा चुपचाप मुझे प्यार से सहलाता रहा !

फिर धीरे धीरे उसने अपना लंड हिलाना शुरू किया, जब मुझे मज़ा आना शुरू हुआ तो उसका वर्णन करना मुश्किल ही नहीं नामुमकिन है!

ऊऊऊओह्ह्ह्ह्ह्ह् ! येस्स्स्स्स बिनोद आई लव यू ! परिस्थिति बदल चुकी थी !

बिनोद मुस्कुरा रहा था- आई लव यू ठु डार्लिंग ! तू कमाल है हिनाया ! आआअह्ह्ह ! वाकई तू कमाल है !

धक्के पे धक्के, रेलमपेल हो रही थी ! गपागप तथा फचाफच की मधुर आवाज़ निकल रही थी !

फिर बिनोद ढीला पड़ता गया, मैंने नीचे से अपनी गांड उछालनी शुरू कर दी, उसी वक़्त मेरा भी स्खलन हो गया! बिनोद लम्बी लम्बी साँस लेता हुआ मेरे उपर लेट गया। फिर अपनी आँखें बंद कर ली !

२०-२५ मिनट ऐसे ही पड़े रहे हम दोनों !

फिर बिनोद को एक तरफ कर मैंने उठने की कोशिश की पर उठा नहीं गया। मेरी नज़र बेड शीट पर पड़ी तो वो पूरी की पूरी खून से सनी हुई थी, मैं फिर लेट गई ! बिनोद ५ मिनट बाद उठा फिर बोला- हिनाया ! तुम लेटी रहो मैं कुछ करता हूँ !

फिर उसने मेरे कपड़े और वो बेड शीट खुद धोई और फिर किचन में जाकर मेगी बनाकर लाया ! भूख भी लगी थी ! उसके बाद मुझे नींद आने लगी पर बिनोद नहीं माना और उसने मुझे एक बार फिर चोदा ! शाम को तीन बजे हमें नेहा दीदी ने जगाया ! बिनोद दरवाजा बंद करना भूल गया था !

मैं नेहा दीदी की मेक्सी ही पहन कर सोई थी और बिनोद भी उसी बेड पे सोया था ! दीदी सब कुछ समझ गई थीं ! पर बिनोद ने उनको अलग ले जाकर पता नहीं क्या समझाया, वो मुस्कुरा कर बोली कि बिनोद मुझे मेरे घर छोड़ आये !!

अब मेरे कपड़े भी सूख चुके थे। मैंने अपने कपड़े पहने और बिनोद के साथ बाहर आ गई ! फिर उसे कहा कि मैं खुद चली जाऊँगी अब ! बिनोद ने मेरे माथे पे किस किया और बोला- हिनाया ! थेंक यू फॉर आल थिंग्स ! मैंने मुस्कुराकर उसको बाय कहा फिर अपने घर चल दी ! तो दोस्तों कैसी लगी मेरी पहली चुदाई ?

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चुत मे फिंगरींग कर चुदने के लिए राजी किया | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/chut-me-fingering-kar-chudane-ke-liye-raji-kiya.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/chut-me-fingering-kar-chudane-ke-liye-raji-kiya.html#respond Mon, 01 Apr 2019 07:47:01 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14542 उसने वो सारा पी लिया |फिर वो बेड पर मुझे ले गई | और टांग फैला कर बैठ गई और मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी | उसकी चूत बिलकुल चिकनी थी | थोड़े से बाल थे जरुर उस पे | फिर मैं उसकी चूत को अच्छे से लिक कर रहा था और टंग फक भी |

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हेलो दोस्तों ! सबसे पहले आप सबको मेरा नमस्कार | मेरा नाम मोहित है | मै मैसूर में रहता हूँ | मेरी उम्र 25 साल है | वैसे तो मै एक बड़ी सी कंपनी में जॉब करता हूँ | इसीलिए मै हमेशा घर से दूर ही रहता हूँ | और काम के चक्कर में मै इतना बिजी रहता हूँ की न तो घर वालो के लिए और न ही अपने लिए टाइम निकल पाता हूँ | मैं एक माध्यम वर्ग परिवार से हूँ | बहुत कोशिशो के बाद मैं यहाँ तक पहुँच पाया हूँ | कड़ी मेहनत और लगन के बाद में मुझे ये जॉब मिली है | इसी लिए मै अपनी जॉब पे ज्यादा ध्यान देता हूँ | और ज्यादा से ज्यादा पैसे कमाने के लिए दिन रात लगा रहता हूँ |

मेरे इस जिन्दगी की दौड़ में दौड़ते दौड़ते मै खुद को तो भूल ही गया था | न तो कालेज के समय मैंने कोई गर्ल फ्रंड बनाई और न ही स्कूल टाइम में | इसीलिए मैंने अब सब कुछ पा लिया लेकिन अब मुझे अपने शारीरिक भूख को पूरा करने की जरूरत थी | जिसके लिए अब मै चूत की खोज में था | वैसे तो मेरे घर वाले मेरे लिए शादी के लिए लड़कियां ढूढ़ रहे थे | लेकिन ये बात तो मै अच्छी तरीके से जनता था कि आज कल के टाइम में कोई भी लड़की बिना चुदे नही रह पाती है | तो जो मेरी बीवी आएगी वो भी किसी से जरुर चुद चुकी होगी | इसीलिए मै शादी से पहले एक बार सेक्स करना चाहता था | जिसके लिए मै एक अच्छी सी लड़की के तलाश में था | आप लोग तो जानते ही हैं कि ऐसे तो पैसे देकर हम जब चाहे चूत मार सकते है लेकिन मैं ऐसा नही चाहता था |

चलिए अब मैं अपनी कहानी की ओर ले चलता हूँ | बात एक साल पहले की है | मेरी एक बड़ी बहन है | जिसकी शादी तय हो गई थी | चूँकि वो मेरी इकलौती बहन है इसीलिए मैंने खूब पैसे खर्च किये | और अपनी कंपनी से एक महीने की छुट्टियाँ लेकर आ गया |शदी की तैयारी जोरों पर थी | सब लोग दौड़ भाग कर रहे थे | मैं भी इन्ही सब कामों में लगा हुआ था | अभी बस 3 दिन बचे थे बहन की शादी के अब तैयारियां और भी तेज़ हो गई थी | मैं इन्ही कामों में लगा हुआ था | तभी मेरी बहन मेरे पास आई और बहुत उदासी से बोली भैया मुझे आप की हेल्प चाहिए | पहले आप प्रोमिस करो की आप मन नही करोगे |

मैंने कहा मेरी प्यारी बहना मेरे लिए मैं कुछ भी करूँगा बता क्या बात है | वो बोली भैया मेरी एक फर्न ड है जो पास के एक टाउन में रहती है | मैंने उसे आमंत्रित किया था | लेकिन वो नही आ पा रही है क्योकि उसके घर पर कोई भी जेंट्स में नही है साथ में आने के लिए | मैंने जब उसकी माँ से बात की तो उन्होंने कहा कि अगर मै किसीकी यहाँ से भेज दूं तो वो उसे भेज देंगी | आप प्लीज़ जाकर उसे ले आओ न ! | मैंने कहा ठीक है कल सुबह मै जाकर उसे ले आऊंगा | वो बहुत खुश हुई | और हँसते हुवे चली गई |

अगले दिन सुबह मै उठा तैयार हुआ और अपनी गाड़ी से निकल पड़ा | वो टाउन करीब 90 किलो मीटर था | मै करीब दो घंटे में पहुच गया | जैसे ही मै उसके घर पहुंचा मैंने जब अपनी बहन की फ्रंड को देखा तो मैं तो बस पागल हो गया | क्या लग रही थी | एकदम मस्त माल | उसका नाम वीना था | एक पल के लिए मेरे मन में आया कि इसे ही छोड कर मै अपने

करूँगा | शायद मेरी बहन ने उसे फ़ोन कर दिया था तभी वो पहले तैयार बैठी थी | मैंने चाय नाश्ता किया | फिर आराम करने लगा सोचा आराम से शाम को निकलूंगा |

शाम को उसे गाड़ी में बिठाया और चल दिया | वो मेरे बगल में बैठी थी | उसकी गर्माहट से मेरे तन बदन में आग सी लग गई थी | मेरा लंड तो एकदम खड़ा हो गया था | वो भी मुझे ध्यान से देख कर मुस्कुरा रही थी | मैं अपने खड़े लंड को छुपाने की नाकामयाब कोशिश करने लगा | ये देख कर वो हंसने लगी | शायद वो मेरी कंडीसन समझ गई थी |

अब हम आधे रस्ते ही पहुंचे थे की तभी बारिश आ गई | और खूब तेज़ आँधी भी | हमें रुकना पड़ा | अँधेरा हो चुका था अब जब आँधी रुकी तो मै गाड़ी स्टार्ट करने लगा लेकिन गाड़ी स्टार्ट होने का नाम नही ले रही थी | फिर मैंने मकेनिक के बारे में पता किया तो पता चला कि एस टाइम यहाँ कोई मैकेनिक नही मिलेगा | अब वहां रुकने के आलावा हमारे पास और कोई चारा नही था | मैंने गाड़ी को धक्का लगवा कर एक सुरछित जगह पर खड़ा कर के लॉक कर दिया और फिर
वीना के साथ चलने लगा और एक जगह का पता लगाकर वहां एक रात के लिए कमरा किराये पर ले लिया | हमने खाना खाया फिर कमरे में गए मैंने कहा तुम कमरे में सो जाओ मै बाहर सो जाता हूँ | वो बोली नही मुझे अकेले डर लगता है साथ में सोयेंगे | मै तो यही चाहता था | वो बेड पर सोयी थी | और मै सोफे पर |

अभी मेरी आँख लगी ही थी कि मैंने कुछ महसूस किया | कुछ गर्माहट सा | आंख खोली तो देखा की वीना मेरे पास में बैठी थी और मुझे देख रही थी | जैसे ही मैंने आँख खोली उसने अपने होंठ मेरे होंठ पर रख दिए | शायद वो मेरी फीलिंग्स को गाडी में ही समझ गई थी | और मेरे लिए उसके पास इससे अच्छा मौका नही था | मै भी उसका साथ देने लगा अब उसकी हिम्मत और भी बढ़ चुकी थी | उसने मेरे हाँथ अपने बूब्स पर रख दिए | मैं उनको हाथो से दबाने लगा और उसे किस भी करने लगा था | वो बोली, आराम से करो.. |

फिर मैंने उसकी ब्रा को उतार दिया | अब वो बिलकुल नंगी थी | मैंने अपनी शर्ट भी उतार दी और उसको किस करने लगा | मैंने उसको किस कर रहा था | तभी उसने मेरे पैंट में अपना हाँथ डाल दिया और मेर लंड को धीरे धीरे हिलाने लगी | फिर उसने दुसरे हाथ से अपनी चूत में फिन्गेरिंग शुरू कर दी | उसको बहुत मजा आ रहा था | फिर मैंने उसकी चूत में उंगली डाल दी | वो आह्ह्ह्ह आह्ह्ह्ह…. करके आवाजे निकलने लगी |

फिर वो मेरी बॉडी पर अपना हाथ फेर रही थी | फिर उसने मुझे मेरा पैंट उतरने को कहा मैंने झट से अपनी पैंट और नेकर दोनों निकल दिया | मैं सोफे पर बैठ गया और वीना मेरा लंड चूसने लगी | मैं भी ख़ुशी से मोअन कर रहा था | चूसते – चूसते मेरा माल निकल गया | उसने वो सारा पी लिया |फिर वो बेड पर मुझे ले गई | और टांग फैला कर बैठ गई और मेरे सर को अपनी चूत में दबाने लगी | उसकी चूत बिलकुल चिकनी थी | थोड़े से बाल थे जरुर उस पे | फिर मैं उसकी चूत को अच्छे से लिक कर रहा था और टंग फक भी | वो अब बहुत गरम हो चुकी थी और बहुत तेज मोअन कर रही थी | आआह्ह्ह्ह आह्ह्हह्ह…. |

अब मैं बेड पर लेट गया और वो मेरे ऊपर आकर बैठ गई | फिर मेरे लंड को अपनी चूत पर फिट किया| और एक ही झटके में पूरा लंड उसकी चूत में पर हो गया | कितनी गरम थी उसकी चूत | उसकी चूत ने मेरे लंड को अपने अन्दर जकड लिया | मै तो बस जन्नत की सैर कर रहा था | फिर
वीना धीरे – धीरे ऊपर नीचे होने लगी और मोअन करने लगी | उसे बहुत ही मजा आ रहा था | फिर मैंने उसे बेड पर लेटाया और उसके ऊपर आ गया | मैंने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया | वो फिर से मोअन करने लगी | आह्ह्हह्ह… आह्ह्हह्ह…उफ्फ्फ… फ़क मी हार्ड…. वो जोर जोर से चिल्ला रही थी |

थोड़ी देर बाद, जब मैं झड़ने वाला था, तो मैंने अपना लंड निकाला और पेट पर ही सारा स्पर्म निकाल दिया | हम दोनों बहुत खुश थे | मस्त मजा आया हम दोनों को | वो अपने पेट पर ही स्पर्म को फैलाने लगी | मैंने अब अन्दर गया और एक पिलो ले आया | हम दोनों थक चुके थे | लेट कर भी किस करने लगे | उसने बोला, कि आई लव यू मोहित.. वो बहुत खुश थी और उसने मुझे एक लम्बी स्मूच दी |

उसके बाद हम सो गए और सुबह मैकेनिक भी आ गया मैंने गाड़ी सही करवाई | और फि हम गाड़ी में सवार हुवे और चल दिए | पहुँचने से पहले उसने मुझे एक जोरदार किस किया | मेरी इच्छा मेरी बहन की फ्रेंड ने पूरी कर दी थी |

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प्रैंक करते हुये लड़की पट गई चुदने के लिए | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/group-sex/prank-karate-huye-ladaki-pat-gai-chudane-ke-liye.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/group-sex/prank-karate-huye-ladaki-pat-gai-chudane-ke-liye.html#respond Thu, 28 Mar 2019 13:13:56 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14534 मैं उसकी चूत में दो ऊँगली डाल के अन्दर बाहर कर रहा था | फिर मैंने उसके पैर फैलाये और अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत में डाल दिया और उसको चोदने लगा | मैं बड़े मज़े से उसको चोद रहा था लेकिन उसकी चूत मारने में मज़ा नहीं आ रहा था, तो मैंने उससे कहा मैं और पैसे दूंगा लेकिन मैं गांड मारना चाहता हूँ |

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नमस्कार भाइयों और उनकी बहनों मैं रोचक माधवन आपके लिए अपनी कहानी लेकर हाज़िर हूँ | मैं दिल्ली में रहता हूँ और अभी कॉलेज में पढाई कर रहा हूँ | मेरा रंग गोरा हाइट 6 फीट मे कुछ ही इंच कम है और बॉडी भी अच्छी है और मेरे जितने भी दोस्त है उनमें सबसे अच्छा मैं ही दिखता हूँ | मैं और मेरे दोस्त मिलकर प्रैंक करते है और लोगों से सवाल पूछते है और उसके वीडियो बनाकर यूटयूब पर डालता हूँ | कभी कभी बहुत अच्छे से सब कुछ निपट जाता है लेकिन कभी कभी कुछ नाटक भी हो जाते है | मगर एक बार की बात जो मुझे हमेशा याद रहेगा और जो मैं आपके साथ शेयर करना चाहता हूँ | तो आओ दोस्तों, मेरी कहानी पर नज़र डालते है |

जैसा कि मैंने बताया कि मैं और मेरे दोस्त प्रैंक करते है और बहुत सी लड़कियों से ऐसे वैसे सवाल करते है, कुछ तो मुझसे पटने को भी तैयार हो जाती है लेकिन तभी साले मेरे दोस्त आके बोल देते है प्रैंक था और सब ख़त्म हो जाता था | वैसे मेरे साथ दो लड़कियां भी हैं लेकिन कुछ ख़ास है नहीं लेकिन दोनों मुझे बहुत लाइन मारती है | हम लोग ज्यादातर अच्छी बातें ही करते है लड़कियों से क्यूंकि मेरे साथ वाली दोनों लड़कियों को बुरा लग जाता है लेकिन एक बार की बात है मेरे दोस्तों सिर्फ लड़के लोगो ने प्लान बनाया कि लड़कियों को पैसे देकर सैक्स के लिए पूछेंगे और अगर मान गई तो बल्ले बल्ले |

फिर हम सिटी गए और खाली जगह पर आती जाती लड़कियों का इंतज़ार करने लगे | तभी वहां से एक लड़की निकली और उसके कपड़े से देखकर लग रहा था कि चालू है तो मेरे दोस्त ने उसे आवाज़ लगाई और अपने पास बुला लिया और फिर वो हमारे पास और मैंने उससे थोड़ी बहुत बात की | फिर मैंने उससे कहा क्या तुम पैसे कमाना चाहती हो ? तो उसने कहा कौन नहीं चाहता, मुझे क्या करना होगा | तो मैंने कहा तुम्हें सैक्स करना होगा, तो उसने कहा क्या बकवास है और जाने लगी | तो मैंने जेब से 500 की गड्डी निकाली और कहा इतने मिलेंगे और फिर उसने पलट के देखा और कहा तुम तो तीन लोग हो |

मैंने कहा नहीं तुम किसी भी एक को चुन लो, तो उसने कहा नहीं सैक्स नहीं करुँगी लेकिन और कुछ कर सकती हूँ, तो मैंने कहा ठीक है चूस लो फिर उसने कहा ठीक है तो दो पैसे | तो मैंने कहा इतने पूरे तो सैक्स करने के लिए मिलते है थोड़े कम मिलेंगे, वो भी लंड चूसने के बाद | तो उसने कहा ठीक है और हम कार में बैठ गए और एक लड़का वीडियो बनाने लगा और वो मेरा पैंट खोलके मेरा लंड पकड़ के हिलाने लगी | उसने थोड़ी देर तक मेरा लंड हिलाया और फिर झुककर मेरा लंड चूसने लगी | वो मज़े से हिला हिला के मेरा लंड चूस रही और मुझे जो मज़ा आ रहा था, वो मैं बता नहीं सकता | वो बहुत देर तक बहुत मज़े से लंड चूसती रही और फिर मेरा माल निकल गया और उसके मुंह में ही निकला |

फिर उसने कहा ठीक है दो पैसे, तो मैंने उसको हज़ार रूपए दिए और वो जाने लगी, तो मैंने कहा अच्छा 500 और दूंगा दूध दबाने दे दो | वो मान गई और वो अपना टॉप और ब्रा उतार दिया और बैठ गई | मैं और मेरे दोस्तों ने उसके खूब दूध दबाये और चूसे भी और उसके बाद उससे कहा चूत मारने दे दो, तो उसने कहा पीरियड्स चल रहे है और फिर मैंने उसको पैसे दिए और वो चली गई |

उसके बाद हम बाहर गए और दूसरी लड़की के लिए गश्त लगा के बैठ गए | थोड़ी देर में दो लड़कियां वहां से निकली और मैं उनके पास गया और थोड़ी बहुत बात की और फिर उनको भी ऑफर दिया, वो दोनों एक दूसरे को देखने लगी और कहने लगी मैं पुलिस को फ़ोन लगा दूंगी | तो मैंने जेब से नोट की गड्डी निकाली और उनको कहा ऐसी कोई जोर ज़बरदस्ती नहीं है अगर तुम्हें ये चाहिए तो आओ वरना जा सकती हो | तो उनमें से एक लड़की जाने लगी, तो दूसरी ने उसे रोक लिया और मुझसे पूछा सैक्स के बाद जाने हमें घर छोड़ना पड़ेगा, तो हमने हाँ कहा और वो दोनों हमारे साथ चल दी |

हम सब कार तक गए और दो लडको ने कहा अब हमें कर लेने दो तुमने तो अभी थोड़ी देर पहले ही मज़े लिए है और वो दोनों कार के अन्दर चुदाई करने लगे | मैं बाहर खड़े होकर वीडियो बना रहा था और उनकी चुदाई देखकर मेरा भी मन कर होने लगा था | तभी एक लड़के का माल झड़ गया और उसके हटते ही मैं वहां पहुँच गया और अपनी पैंट खोलके लंड बाहर निकाला और उसकी चूत में डाल दिया और उसको चोदने लगा | मैं उसको चोद रहा था और वो अह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह आआआआआअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह कर रही थी |

जब मैं उसको चोद रहा था तब दूसरे लड़के का भी माल झड़ गया और मैं अब पहली को छोड़कर दूसरी की मारने पहुँच गया और उसकी चूत में लंड डालकर उसकी चूत मारने लगा और वो भी अह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह आआआआआअ ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह करती रही | मैं उसको थोड़ी देर तक उसी तरह चोदता रहा और फिर मेरा माल झड़ने को हुआ तो मैंने लंड बाहर निकाला और उसकी चूत के ऊपर ही माल झड़ा दिया और वो धीरे धीरे आह्ह्ह आह्ह्ह करती हुई लेटी रही |

फिर हमने गाड़ी चालू की और उनको उनके घर तक लेकर गए, उन्होंने चलती गाड़ी में ही कपड़े पहने और हमने वो सब भी रिकॉर्ड किया और फिर उनको घर छोड़ के और पैसे देके वापस उसी जगह आ गए | वैसे आते वक्त उन्होंने ने अपना नंबर दिया और कहा अगर फिर कभी मन बने तो बुला लेना | हम सब उसी जगह वापस आके बैठे थे और लड़कियों का इंतज़ार कर रहे थे और बहुत देर से ऐसी कोई लड़की हमें समझ में नहीं आई जो सैक्स के लिए मान जाए | तो हम सब जाने को हुए और जैसे ही गाड़ी चालू की तभी सामने से एक बहुत ही खूबसूरत लड़की आती हुई दिखी |

तो मैंने कहा अब ये मेरा शिकार है और कोई मेरे साथ नहीं आएगा और मैं अकेला ही उसके पास गया और उससे थोड़ी बहुत बात करके उसको भी ऑफर दिया और उसने अपना पूरा रेट कार्ड मुझे बता दिया इतने पैसो में इतना करुँगी, और अगर एक लड़का चोदेगा तो और दो चोदेंगे तो इतना | मैं ये सुनकर हैरान हो गया और मैंने उसको नोटों की गड्डी दी और कहा चल और वो हँसी ख़ुशी मेरे साथ आ गई | मैंने पहले ही सबको कह दिया था कि अब कोई मेरे आसपास भी नहीं भटकना और दोनों लड़के यहाँ वहाँ हो गए | हम कार में बैठे और मैंने उससे कहा चलो कपड़े उतारो और वो कपड़े उतारने लगी और फिर उसने अपने पूरे कपड़े उतारे और मैं बस उसको निहारता रहा |

फिर मैंने भी अपनी पैंट उतारी और वो मेरा लंड पकड़ के हिलाने लगी और कहा आज तो मज़ा ही आ जायेगा, तो मैंने भी कहा हाँ आएगा | फिर उसने मुझे किस करना शुरू किया और हम किस करते रहे और वो मेरा लंड हिलाती रही | फिर मैंने उसके दूध पकड़े और दबाना शुरू कर दिया और फिर वो रुक गई और उम्म्म्मम्म उम्म्म्मम्म उम्म्म्मम्म करने लगी | फिर मैंने एक हाँथ से उसकी चूत में ऊँगली करना शुरू कर दिया और वो अह्हह्ह्ह्हह्ह्ह्हा अह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह्ह्ह ह्ह्ह्हह्हह्ह्ह ह्ह्ह्हह्ह उम्म्म्मम्म उम्म्म्मम्म उम्म्मम्म करती रही |

वो अपनी चूत ऊपर से रगड़ रही थी और मैं उसकी चूत में दो ऊँगली डाल के अन्दर बाहर कर रहा था | फिर मैंने उसके पैर फैलाये और अपने लंड पर थूक लगाया और उसकी चूत में डाल दिया और उसको चोदने लगा | मैं बड़े मज़े से उसको चोद रहा था लेकिन उसकी चूत मारने में मज़ा नहीं आ रहा था, तो मैंने उससे कहा मैं और पैसे दूंगा लेकिन मैं गांड मारना चाहता हूँ | तो उसने कहा हाँ ठीक है और मैंने अपना लंड बाहर और उसके गांड के छेद पे थूक लगा के लंड अन्दर डाल दिया और उसकी जोर से आह्ह्ह निकल गई |

फिर मैंने थोड़ी देर तक उसकी गांड मारी और फिर मेरा मुट्ठ निकलने को हुआ तो मैंने उसकी गांड में ही गिरा दिया और उसके ऊपर लेटकर उसको किस करता रहा | थोड़ी देर में हम दोनों उठे और कपड़े पहनकर बाहर आये और मैंने उसको थोड़े और पैसे दिए और उसका नंबर भी ले लिया और कहा मैं तुम्हें जल्दी ही बुलाऊंगा आ जाना, तो उसने कहा हाँ ठीक है लेकिन पैसे मैं बराबर लूंगी, तो मैंने कहा तू उसकी चिंता मत कर बस आ जाया करना | फिर हमने फिर से किस किया और मैंने उसकी गांड भी दबाई और उसके बाद वो चली गई | तो दोस्तों ये थी मेरी कहानी उम्मीद करता हूँ आपको पसंद आई होगी |

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नरम चुत मे कडक लंड से चुदाई | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/%e0%a4%a8%e0%a4%b0%e0%a4%ae-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a4-%e0%a4%ae%e0%a5%87-%e0%a4%95%e0%a4%a1%e0%a4%95-%e0%a4%b2%e0%a4%82%e0%a4%a1-%e0%a4%b8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a5%81%e0%a4%a6%e0%a4%be%e0%a4%88.html#respond Mon, 25 Mar 2019 03:33:15 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14512 मैंने अपने लोड़े का टोपा उसकी योनि में प्रवेश करवा ही दिया जैसे जैसे वह धीरे-धीरे अंदर जा रहा था वहां से खून निकलने लगा था। वैदिता बहुत तेज चिल्लाने लगी थी मुझे लगा कहीं बेहोश ना हो जाए किंतु मैंने उसे दबोच कर रखा।

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दोस्तों मैं चेन्नई में रहने वाला एक ट्यूशन टीचर हूं। मेरी उम्र 46 वर्ष है। मेरी शादी को 20 वर्ष हो चुके हैं। मेरे दो बच्चे हैं एक लड़का जो कि 18 वर्ष का है और मेरी लड़की 16 वर्ष की है। लड़का तो मेरा कॉलेज में पढ़ता है लड़की अभी कक्षा 10वीं में है। मुझे ट्यूशन पढ़ाते हुए काफी समय हो चुका है। पहले मैं एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ाता था। मैंने वहां से नौकरी छोड़ने के बाद अपना खुद का ट्यूशन सेंटर खोल लिया है। यहां पर काफी बच्चे आते हैं ट्यूशन पढ़ने के लिए कम से कम 100 बच्चों का बैच तो होता ही है। मेरे ट्यूशन सेंटर अच्छा चल रहा है। मेरे ट्यूशन सेंटर में मैंने दो टीचर रखे हुए हैं। जो मेरे साथ पढ़ाते हैं। मेरी लाइफ बहुत ही व्यस्त रहती है। मेरे पास एक भी दिन समय नहीं रहता है। सिर्फ रविवार को ही मैं फ्री हो पाता हूं। इसलिए हम लोग कभी-कभी रविवार को छुट्टी मनाने चले जाते हैं। इस वजह से मेरी सेक्स लाइफ की अच्छी नहीं है।

मैं एक-दो हफ्ते में अपनी बीवी को चोदा करता हूं। अब कर भी क्या सकता हूं इतना व्यस्त रहता हूं तो समय निकालना मुश्किल हो ही जाता है। मेरे ट्यूशन सेंटर में एक से एक नई चूत आती है। मैं उन सबको अच्छे से देखता रहता हूं और पढ़ता रहता हूं। यह भी अनुमान लगाता हूं कि किसके स्तन किस से बड़े हैं और किसके छोटे हैं और सब की गांड का साइज़ भी देखता हूं कुछ तो मोटी होती हैं और कुछ पतली और कुछ कहो जवाब ही नहीं एकदम मस्त मस्त वाली कसम से देख कर जवानी याद आ जाती है। जब मैं स्कूल में अपने साथ वाली लड़कियों को चोदा करता था। लेकिन मैं अपनी मर्यादाओं को नहीं पार कर सकता हूं। अब सिर्फ पढ़ाने पर ही ध्यान रहता है। मेरी लड़की इस साल 12वीं में है तो वह भी हमारे ट्यूशन सेंटर आती है और वहीं पर पढ़ती है।

यह इस वर्ष का नया बैच था इसमें नई नई चूत और गांड आई थी।इस वर्ष एक से बढ़कर एक माल आई थी। करीबन 90 95 बच्चे इस वर्ष भी हो चुके थे। अब हमारी क्लास का पहला दिन था और मैं सब को पढ़ाने गया। सबसे मैंने कुछ सवाल जवाब किए फोन से पूछा कि पिछले साल कितने नंबर थे तुम्हारे यह सब पूछते पूछते अपनी सीट पर इधर-उधर कर रहा था। तभी एक लड़की आई उसने उसे अंदर आने की परमिशन ली मैंने उसको अंदर आने के लिए कहा आप अंदर आ जाइए फिर वहां मेरी लड़की की बगल में बैठ गई।

दोनों ने एक दूसरे को मुस्कुराकर हेलो हाय कहा अब क्लास खत्म होने वाली थी। तो मैं जाते-जाते सबसे पुछने लगा। कैसा रहा तुम्हारा कक्षा का पहला दिन सबने बोला सर आप बहुत अच्छा पढ़ाते हैं। और उसके बाद कुछ हंसी मजाक भी हुआ यह देख कर अच्छा लग रहा था मुझसे बच्चे खुश हैं। अब जब बच्चे अपनी सारी क्लास पूरी कर कर घर जाने लगे थे। तो मेरी लड़की उस लड़की को अपने साथ मेरे ऑफिस पर ले आई।

कहने लगी क्या मैं अंदर आ सकती हूं मैंने कहा आओ अंदर आओ क्या काम है बोलो वह बोलने लगी पापा मैं आपको अपनी सबसे अच्छी दोस्त वैदिता से मिलाती हूं। मुझे उसको देख कर अच्छा लगने लगा। उसने टी-शर्ट और जींस पहना हुआ था जिसमें साफ-साफ उसके बूब्स के उभार दिखाई पड़ रहे थे। मैं उन दोनों से बात भी कर रहा था। उसके स्तनों को निहार भी रहा था। मेरे अंदर का शैतान अभी भी जिंदा है। उसके बूब्स 32 के और गांड 34 की होगी। देखकर मजा आ रहा था उसको उसके बाद वह चले गए मैंने कहा ठीक है तुम लोग जाओ मैं कुछ काम करके घर आता हूं।

उसके बाद मैं बाथरुम में गया और वहां पर मुठ मारी वैदिता की नाम की मुझे बहुत टाइम बाद किसी को देख कर अच्छा महसूस हो रहा था। मेरे अंदर का पुराना इंसान जाग गया था। अब मैं जब शाम को घर गया तो मेरी बेटी मुझसे बोलने लगी पापा आपसे कुछ बात करनी है। मैंने कहा हां बोलो क्या बोलना है। अब वह बोलने लगी वैदिता के माता-पिता चाहते हैं। आप उसे घर पर ही ट्यूशन दें क्योंकि वह दोनों जॉब पर जाते हैं। तो इस कारण उसको छोड़ने में उन्हें परेशानी होती है। मैं क्या चाहता था जैसे मानो मेरी मुराद पूरी हो गई हो गई हो। सही में यार ऐसा बहुत कम होता है जब मेरे दिल की बात पूरी हो जाए। मेरी बेटी बोली कल उसके माता-पिता आपसे मिलने आपके ऑफिस में आएंगे मैंने कहा ठीक है। उन्हें बोल देना आने को फिर मैंने हाथ मत हो या और खाना खा कर आराम करने लगा। इस बात से मैं इतना खुश था कि आज मैंने बहुत समय बाद अपनी पत्नी को चोदा था। क्योंकि मेरे अंदर का वीर्य को बाहर निकालना आवश्यक था नहीं तो वह अपने आप ही बाहर निकल जाता।

अब अगले दिन हमेशा की तरह में तैयार होकर अपने ट्यूशन सेंटर के लिए निकल पड़ा ।कुछ समय बाद जब मैं अपने केबिन में बैठा हुआ था। तो एक महिला और पुरुष मेरे ऑफिस में आए और पूछने लगे क्या हम अंदर आ सकते हैं। आप ही का नाम शर्मा जी है। मैंने कहा हां जी मैं ही हूं आइए आप बैठिए। उन्होंने अपना परिचय दिया और कहा हम वैदिता के माता-पिता हैं। मैंने बोला हां हां बोलिए बोलिए जी उन्होंने मुझसे अपनी समस्या बताई और बोलने लगे हमारा घर थोड़ा दूर है। उसको लाने ले जाने में परेशानी होती है। इस कारण आप यदि हमारे घर पर ही उसे पढ़ाऐ तो अच्छा रहेगा मैंने कहा ठीक है मैं वैदिता को घर पर ही पढ़ा दूंगा। यह देख कर बहुत खुश हो गए और मेरी तारीफ करने लगे कहने लगे आप बड़े ही सज्जन व्यक्ति हैं। आप पर हमें पूर्ण रुप से भरोसा है। लेकिन उन्हें क्या पता था मेरे अंदर क्या चल रहा है।

आज में वैदिता के घर पहले दिन गया था।तो उसके माता-पिता घर पर ही थे। उन्होंने मुझे सबकुछ समझा दिया था। कुछ भी परेशानी हो तो यहां पर यह सामान रखा हुआ है। उन्होंने मुझे सब कुछ दिखा दिया था अब मैंने वैदिता को पढ़ाना शुरू किया आज पहला दिन था। तो इसलिए मैंने कुछ नहीं किया क्योंकि उसके माता पिता भी घर पर ही थे। परंतु मैंने उसके बूब्स पर हल्का सा एक हाथ रख ही दिया था। जाते वक्त मैं उनसे मिला और वह बोलने लगे शर्मा जी हमें आप पर पूरा भरोसा है। कल से आप इसे देख लेना यह कहते हुए मैं वहां से चला गया।

जिस तरह से वैदिता के माता-पिता को पूरा भरोसा हो गया था। उसी प्रकार वैदिता भी मुझ पर भरोसा करती थी। मैंने वैदिता को पढ़ाते पढ़ाते अचानक से उसकी जांघों पर अपने हाथों से उसको सहलाने लगा। मैंने जैसे ही यह किया उसने मेरे हाथों को हटा दिया। क्योंकि वह नई-नई चूत थी। इस वजह से को थोड़ा घबराहट हो रही थी। धीरे-धीरे मैंने उस को अपने काबू में कर ही लिया और हल्के से उसकी जींस का बटन खोल कर उसकी जींस को उतार दिया। उसकी जांघ बहुत मुलायम जी क्योंकि उसकी उम्र महज 17 वर्ष थी। इस उम्र में सेक्स कुछ ज्यादा ही तीव्र गति से होता है। अब वैदिता की चूत से भी वैदिता आने लगी थी। उसकी चूत पूर्ण रुप से गीली हो चुकी थी। फिर मैंने धीरे-धीरे उसकी चड्डी के अंदर से अपनी उंगलियों को उसकी चूत पर लगाने लगा। आप हो पूरे सवाब में आ चुकी थी।

उसने मेरी बड़ी तेजी से अपने हाथ को मेरे लंड पर रख दिया और बहुत तेज दबाने लगी। जिससे मुझे अपने पुराने दिन याद आ गए। कसम से क्या देखते हो मुझे शीला परमिला आशा सब याद आने लगी। अब मैंने ज्यादा देर ना करते हुए उसकी नरम चूत पर अपना लंड सटा दिया। और धीरे-धीरे धक्का मारना शुरू किया लेकिन मेरा लंड अंदर ही नहीं गया। क्योंकि बहुत सील पैक थी। मैंने दो तीन प्रयास किए लेकिन उसको दर्द होता था तो वह हो झटपटा कर हट जाती थी।

फिर तीसरे प्रयास के बाद मैंने अपने लोड़े का टोपा उसकी योनि में प्रवेश करवा ही दिया जैसे जैसे वह धीरे-धीरे अंदर जा रहा था वहां से खून निकलने लगा था। वैदिता बहुत तेज चिल्लाने लगी थी मुझे लगा कहीं बेहोश ना हो जाए किंतु मैंने उसे दबोच कर रखा। इस प्रयास में मैंने अपना लंड उसकी योनि में पूरा सटा दिया था। आप बहुत थोड़ा चूक हुई लेकिन जैसे-जैसे मैंने अंदर बाहर करना शुरू किया तो खून के छींटे पूरे लंड पर लग चुके थे। उसकी योनि बहुत ज्यादा ही टाइट थी तो ज्यादा देर तक मैं कर ना सका और मेरा भी झड़ गया। मैंने उसकी जीवनी में ही अपने वीर्य को गिरा दिया। अब हमने पूरे खून को साफ किया। मुझे वैदिता बोलने लगी कुछ होगा तो नहीं मैंने कहा कुछ नहीं होगा। डरने की कोई बात नहीं है इस प्रकार से मैंने एक और सील अपने जीवन में तोड़ी।

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ग्रुप मे दो बहने हम दोस्तो से चुदी | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/group-me-do-bahane-hum-dosto-se-chudi.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/group-me-do-bahane-hum-dosto-se-chudi.html#respond Sat, 23 Mar 2019 09:17:36 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14503 मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था मैं उसे तेज गति से धक्का देता। जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैंने सुमंती की योनि से लंड को बाहर निकाला उसकी योनि से मेरा वीर्य अब भी टपक रहा था।

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मेरे और जगदीप के बीच में बचपन की दोस्ती है हम लोग पहली बार कक्षा 8 में मिले थे जब हम दोनों की दोस्ती हुई तो वह आज तक कायम है पहले मेरे और जगदीप के बीच हुए झगड़े होते थे लेकिन जब हम दोनों कॉलेज में पहुंचे तो हम दोनों को एहसास हुआ कि हम दोनों एक दूसरे को अच्छे से समझते हैं। हम दोनों के बीच उसके बाद बहुत गहरी दोस्ती हो गई हमारी दोस्ती इतनी मजबूत है कि मैं जगदीप को अपने भाई की तरह मानता हूं और जगदीप भी मुझे अपना भाई मानता है हम दोनों ने कभी भी किसी चीज को आज तक एक दूसरे से नहीं छुपाया। जगदीप के घर के पड़ोस में विभा रहने के लिए आई उस वक्त हमारा कॉलेज ही खत्म हुआ था और हम लोग कुछ काम करने की सोच रहे थे उसी वक्त जगदीप की जिंदगी में विभा आई। जगदीप ने मुझे विभा के बारे में बताया तो मैंने जगदीप से कहा तो तुम देर क्यों कर रहे हो तुम विभा से अपने दिल की बात कह दो लेकिन जगदीप बहुत ही शर्माता है इसलिए मुझे ही जगदीप का काम करना पड़ा।

मैंने जगदीप के लिए विभा का नंबर भी ले लिया मैंने जब विभा का नंबर लिया तो जगदीप ने उसे फोन किया और जगदीप ने अपने दिल की बात उससे कही लेकिन विभा ने उसे मना कर दिया क्योंकि बिना देखे वह भी जगदीप को हां नहीं कहने वाली थी। एक दिन उन दोनों ने मिलने का फैसला किया जगदीप ने मुझे कहा तुम भी मेरे साथ चलो मुझे बहुत डर लग रहा है मैंने जगदीप से कहा तुम तो लड़कियों की तरह शर्मा रहे हो इतना डर तो शायद विभा को भी नहीं लग रहा होगा। मुझे नहीं पता था कि विभा की एक छोटी बहन भी है जगदीप ने मुझे उस दिन कहां तुम मेरे साथ चलो।

हम लोग एक पार्क में मिले और जगदीप ने विभा से अपने दिल की बात कह दी मेरा दिल भी सुमंती पर आ चुका था जब मेरा दिल सुमंती पर आया तो मैंने जगदीप को यह बात बताई। विभा ने अभी हां नहीं कहा था दोनों का रिश्ता अभी तक लटका हुआ था मुझे तो समझ नहीं आ रहा था यदि विभा ने जगदीप को मना कर दिया तो क्या मेरा रिश्ता भी आगे बढ़ पाएगा लेकिन मैं उनसे एक कदम आगे था इसलिए मैंने जगदीप और विभा के रिश्ते से पहले ही सुमंती को अपने दिल की बात कह दी।

मैंने सुमंती को अपनी बातों से पूरी तरीके से प्रभावित कर लिया था वह भी मेरी बातों से बहुत ज्यादा प्रभावित थी और उसने मेरे प्रपोज़ल को स्वीकार कर लिया था हम दोनों चोरी छुपे मिलने लगे थे मैंने यह बात जगदीप को बताई तो जगदीप कहने लगा यार मैं इतने समय से विभा के पीछे लगा हूं और तुमने उसकी छोटी बहन को मुझसे पहले ही अपने प्यार में फंसा लिया। मैंने जगदीप से कहा यही तो हमारे अंदर एक टैलेंट है जगदीप कहने लगा यार काश मैं भी तुम्हारी तरह होता तुम बचपन से ही ऐसे हो तुम्हें देख कर ना जाने कितनी लड़कियां तुम पर फिदा हो जाती हैं लेकिन जगदीप और विभा के रिश्ते में मैंने और सुमंती ने बहुत अहम भूमिका निभाई। जगदीप और विभा भी अब एक साथ एक ही रिश्ते में थे और उन दोनों के रिलेशन से हम दोनों को भी बहुत फायदा हुआ हम दोनों अब विभा और सुमंती से शादी करना चाहते थे लेकिन हम दोनों के पास कोई काम नहीं था।

मुझे यही चिंता थी कि यदि हमारे पास कोई काम नहीं होगा तो क्या उनके घरवाले हमसे विभा और सुमंती का रिश्ता करवाएंगे इसी के चलते अब हमें नौकरी की तलाश शुरू कर दी लेकिन हमें नौकरी नहीं मिली हम लोगों ने बहुत धक्के खाए लेकिन उसके बावजूद भी कोई अच्छी नौकरी नहीं मिल पाई। एक दिन मैंने अखबार में इश्तहार देखा और उसमें एक अच्छी कंपनी का इस्तेहार था मैंने इंटरव्यू देने के बारे में सोचा और जगदीप को भी मैंने कहा कि हमें वहां चलना चाहिए जगदीप कहने लगा मुझे नहीं लगता कि वहां हमारा सिलेक्शन हो पाएगा। मैंने जगदीप से कहा तुम पहले ही मुझे नकारात्मक बना दे रहे हो यदि हम लोग वहां नहीं जाएंगे तो हमें पता कैसे चलेगा हमें एक बार वहां जाना चाहिए मैंने जगदीप से कहा तुम एक बार मेरी बात मान लो फिर वह मेरे कहने पर मेरे साथ चला आया शायद उसी का फायदा हम दोनों को मिला।

वहां पर काफी भीड़ थी और मुझे भी अब डर लगने लगा था क्योंकि जहां हम इंटरव्यू देने गए थे वहां पर इंटरव्यू के तीन राउंड थे और मुझे उम्मीद नहीं थी कि हम लोग वह राउंड पार कर पाएंगे उस दिन हम दोनों की किस्मत अच्छी थी या फिर कोई और बात थी वहां पर हम दोनों का सिलेक्शन हो गया और हम दोनों को कंपनी ने एक अच्छे पैकेज पर रख लिया। मैं और जगदीप बहुत खुश थे।

हम लोगों को एक हफ्ते बाद कंपनी जॉइन करनी थी इसलिए एक हफ्ता हम लोग खूब इंजॉय करने वाले थे मैंने सुमंती को जब इस बारे में बताया तो वह खुश हो गई और कहने लगी अब तो हमें मिलना चाहिए। मैंने सुमंती से कहा लेकिन आज हम लोग नहीं मिल पाएंगे, जगदीप ने भी विभा को यह बात बता दी थी सुमंती और विभा ज्यादातर एक साथ ही रहा करते थे उनकी उम्र में सिर्फ एक वर्ष का ही अंतर है वह दोनों बहने आपस में एक दूसरे को बहुत अच्छे से समझती हैं और उन दोनों के बीच बहुत प्यार है।

अगले ही दिन जगदीप विभा और सुमंती को मैं अपने साथ घुमाने के लिए ले गया मैंने उस दिन अपने एक भैया से कार ले ली थी और हम लोग उस दिन लॉन्ग ड्राइव पर निकल पड़े। हम लोग चाहते थे कि हम लोग खूब एंजॉय करें हम लोग सुबह 9:00 बजे ही घर से निकल चुके थे और जब हम लोग घर से निकले तो हम लोग कुछ दूरी पर ही गए थे कि गाड़ी का टायर पंचर हो गया। मैंने जगदीप से कहा यार आज का तो पूरा दिन खराब होने वाला है हम दोनों ने टायर चेंज किया और तार चेंज करने में हम लोगों को एक घंटा लग गया हम लोग वहां से कुछ और दूरी पर गए तो मैंने जगदीप से कहा यार हम लोग कहीं रुक जाते हैं।

जगदीप कहने लगा यहीं आगे पर एक वाटर पार्क है यदि हम लोग वहां चले तो काफी अच्छा रहेगा मैंने जगदीप से कहा हम लोग पहले कुछ खा लेते हैं मुझे बहुत तेज भूक लग रही है। रोड के किनारे एक ढाबा था हम लोगों ने वहां पर खाना खा लिया और उसके बाद हम लोग वहां से वॉटर पर चले गए हम लोगों ने वहां जमकर एंजॉय किया विभा और सुमंती के चेहरे पर बहुत खुशी थी और हम दोनों भी खुश थे।

मैंने जगदीप को कहा चलो आज का दिन तो अच्छा रहा मैंने उम्मीद नहीं की थी कि हम लोग इतना इंजॉय कर पाएंगे जगदीप कहने लगा मैंने तुम्हें कहा था ना सब कुछ ठीक हो जाएगा। हम लोगों को वहां पर काफी समय हो चुका था विभा ने जगदीप से कहा हम लोग घर चलते हैं शाम भी होने वाली है मैंने घड़ी में समय देखा तो चार बज रहे थे मैंने विभा से कहा हम लोग कुछ देर और रुकते हैं उसके बाद हम लोग चल पड़ेंगे। वह कहने लगी ठीक है हम लोग यहां से आधे घंटे बाद निकल पड़ेंगे। हम लोगों ने आधे घंटे तक वहां पर और एंजॉय किया उसके बाद हम लोग आधे घंटे बाद वहां से निकल पड़े।

मैं अब गाड़ी के पीछे सीट में बैठा हुआ था मेरे साथ सुमंती बैठी हुई थी जगदीप और विभा आगे बैठे हुए थे वह दोनों आपस में बात कर रहे थे और मैं और सुमंती भी आपस में बात कर रहे थे। मेरा हाथ गलती से सुमंती की जांघ पर पड गया जब मेरा हाथ उसकी जांघ पर पड़ा तो मेरे अंदर एक अलग ही जोश पैदा होने लगा मैंने सुमंती की जांघ को दबाते हुए उसके होठों को किस कर लिया। हम दोनों एक दूसरे को किस कर रहे थे विभा और जगदीप बात कर रहे थे मैंने सुमंती की चूत के अंदर उंगली डाल दी और वह उत्तेजित होने लगी लेकिन विभा और जगदीप ने अब भी पीछे नहीं देखा था।

मैंने अपने लंड को बाहर निकाला और सुमंती ने उसे अपने मुंह में लेकर सकिंग करना शुरू किया वह मेरे लंड को अच्छे से चूस रही थी उसने मेरे लंड का पानी निकाल कर रख दिया और शायद यह विभा ने भी देख लिया था विभा भी उत्तेजित हो चुकी थी। उसने जगदीप के लंड को दबाना शुरू किया जगदीप जोश मे आ चुका था। विभा और सुमंती उत्तेजना में आ चुकी थी उसने गाड़ी को किनारे खड़ा किया और हम लोग वहां से जंगल की तरफ आ गए। वहां पर कोई भी नहीं था जगदीप विभा को चोद रहा था और मैंने सुमंती के कपड़े उतारते हुए उसके स्तनों का काफी देर तक मजा लिया वह पूरे जोश में आ चुकी थी।

मैंने भी अपने लंड को बाहर निकालते हुए सुमंती की योनि पर सटा दिया मैंने जब सुमंती की चूत पर अपने लंड को सटाया तो वह कहने लगी अब तुम अपने लंड को अंदर डाल दो। मैंने जैसे ही सुमंती की योनि में अपने लंड को प्रवेश करवाया तो वह चिल्ला उठी और मुझे कहने लगी मुझे बहुत दर्द हो रहा है।

उसकी योनि से बहुत ज्यादा खून निकल रहा था मैं उसे तेज गति से धक्के दिए जा रहा था वह मेरा पूरा साथ देती और अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती। जब वह अपनी चूतडो को मुझसे मिलाती तो मेरे अंदर भी एक अलग ही जोश पैदा हो जाता मैं उसे काफी तेजी से धक्के देता। जब उसकी योनि से गर्मी बाहर निकलने लगी तो उसे ना तो मैं बर्दाश्त कर पा रहा था और ना ही सुमंती बर्दाश्त कर पाई वह पूरी तरीके से संतुष्ट हो चुकी थी लेकिन मेरा वीर्य गिरा नही था।

वह मुझे कहने लगी जल्दी से करो ना मैंने सुमंती से कहा बस कुछ देर की बात है मेरा लंड पूरी तरीके से छिल चुका था मैं उसे तेज गति से धक्का देता। जैसे ही मेरा वीर्य पतन हुआ तो मैंने सुमंती की योनि से लंड को बाहर निकाला उसकी योनि से मेरा वीर्य अब भी टपक रहा था। मैंने सुमंती को किस कर लिया और सुमंती को कहा यार आज तो मजा ही आ गया जगदीप ने भी विभा के साथ जमकर सेक्स का मजा लिया था वह दोनों बहुत खुश थी और हम लोग वहां से अपने घर लौट आए।

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चोद चोद गांड पर वीर्य गिराते जाता | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/chod-chod-gaand-par-virya-girate-jata.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/chod-chod-gaand-par-virya-girate-jata.html#respond Mon, 18 Mar 2019 03:50:19 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14480 मोनीका के बदन के मजे लिए जब उसकी चूत से पानी बाहर छूटने लगा तो मैं भी झडने वाला था मैंने अपने वीर्य को मोनीका की गोरी गांड पर गिरा दिया। हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए हम लोग काफी देर तक बात करते रहे

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मैं एक बिजनेसमैन हूं, मैं हर साल अपने परिवार के साथ कहीं ना कहीं घूमने के लिए जाता हूं मैं अब तक कई देशों में घूमने के लिए जा चुका हूं लेकिन इस बार मुझे मनाली जाना था, मैंने अपने घर के पास ही ट्रैवल एजेंट को फोन किया और उसे कहा की मुझे मनाली जाना है तुम वहां पर मेरे रहने और गाड़ी की व्यवस्था कर दो, उसने कहा ठीक है सर मैं सारी व्यवस्था कर देता हूं। मेरे पास ज्यादा वक्त नहीं होता था इसलिए मैं अपने पत्नी और बच्चों को ज्यादा समय नहीं दे पाता था, मेरी पत्नी का नाम रुची है मैंने उन्हें कभी भी कोई कमी नहीं होने दी और हमेशा ही उन्हें मैं अपने साथ घुमाने के लिए लेकर जाता लेकिन फिर भी रुची का मूड ठीक नहीं रहता था, मैंने कई बार रुची को समझाया कि मैं यह सब तुम्हारे लिए ही तो कर रहा हूं लेकिन वह फिर भी मुझसे कभी खुश नहीं रहती।

इस बार मैं घूमने के लिए मनाली का प्लान बना चुका था और मेरे ट्रैवल एजेंट ने सारी व्यवस्था करदी थी, मैं दिल्ली से कार में ही जाने वाला था रुची और मेरे बच्चों ने सारा सामान पैक कर दिया था, मैं जब सुबह जल्दी उठा तो ड्राइवर का फोन आ गया और वह कहने लगा सर आप लोग तैयार हो जाइए मैं दो घंटे में आपके घर पहुंच जाऊंगा। मैंने बच्चों से कहा कि तुम लोग तैयार हो जाओ दो घंटे बाद ड्राइवर आ जाएगा, रुची और मेरे बच्चे तैयार हो गए और दो घंटे बाद वह ड्राइवर भी आ गया, ड्राइवर की उम्र 45 से 50 वर्ष की रही होगी।

मैंने उससे कहा बस पांच मिनट रुक जाओ, उसने कहा सर कोई बात नहीं पांच मिनट बाद रुची बच्चों को लेकर आ गई, हम लोगों ने सारा सामान डिक्की में रख दिया अब हम लोग मनाली के लिए निकल पड़े। मैं ड्राइवर के साथ आगे वाली सीट में ही बैठा हुआ था और रास्ते भर उससे बात करता रहा था, मैं जब मनाली पहुंचा तो वह मुझे होटल में लेकर गया, मैंने अपने एजेंट को फोन किया उसने कहा कि सर मैंने आपके रुकने की व्यवस्था कर दी है यदि आपको कोई भी परेशानी हो तो आप मुझे फोन कर दीजिएगा।

मुझे कोई भी ऐसी दिक्कत नहीं हुई होटल भी अच्छा था और वहां पर साफ-सफाई भी अच्छी थी, उस दिन तो हम लोगों ने आराम करने की ही सोची, शाम के वक्त का नजारा बड़ा ही सुंदर लग रहा था वहां पर टिमटिमाते हुए लाइट जैसे एक अलग ही नजारा पैदा कर रहे थे और सब कुछ बहुत अच्छा सा लग रहा था, हम लोगों के होटल के मैनेजर ने बताया कि सर आज शाम को होटल की तरफ से एक छोटी सी पार्टी रखी है जिसमें कि जितने भी लोग होटल में रुके हैं उन सबको इनवाइट किया है।

शाम के वक्त हम लोग पार्टी में चले गए वहां पर ठीक-ठाक भीड़ थी वहां पर करीब 100 लोगों के आसपास की भीड़ थी और आगे से लाइव कंसर्ट भी चल रहा था, जो सिंगर गाना गा रहा था वह बड़े ही अच्छी आवाज में गाना गा रहा था मैं तो पार्टी को पूरा इंजॉय कर रहा था लेकिन रुची का चेहरा थोड़ा उतरा सा लग रहा था मैंने उससे पूछा तुम्हारा मूड क्यों ऑफ है? वह कहने लगी मेरा मूड कहां ऑफ है बस ऐसे ही मैं तो गाने का इंजॉय ले रही हूं लेकिन मुझे लग रहा था कि उसका मूड वाकई में ऑफ है शादी के इतने वर्षों बाद हम दोनों एक दूसरे को कभी सही से पहचान ही नहीं पाए, हमारा बस सिर्फ नाम का ही रिश्ता रह गया था।

हमारे सामने की टेबल पर एक परिवार बैठा हुआ था वह भी पार्टी का पूरा एंजॉय कर रहा था जैसे-जैसे पार्टी का समय बीता जा रहा था तो सब लोगों का आपस में इंट्रोडक्शन हो चुका था जो हमारे टेबल के सामने बैठे हुए थे उनका नाम राकेश और मोनीका था, वह लोग पार्टी का पूरा एंजॉय कर रहे थे। राकेश हमारे पास आया और कहने लगा आप भी हमें ज्वाइन कीजिए, रुची और मैं हम लोग भी उनकी टेबल पर चले गए, मेरे साथ मेरे बच्चे भी थे मेरे बच्चे और उनके बच्चे आपस में खेलने लगे, अब हम लोगों का परिचय तो हो ही चुका था इसलिए हम सब लोग आपस में बात कर रहे थे रुची भी मोनीका से बात कर रही थी अब उसके चेहरे पर भी थोड़ी बहुत मुस्कान थी।

मोनीका ने मुझसे पूछा कि तुम्हारी शादी को कितने वर्ष हो चुके हैं तो मैंने उसे बताया कि मेरी शादी को 12 वर्ष हो चुके हैं, वह कहने लगी कि हमारी शादी को भी 12 वर्ष हो चुके हैं इत्तेफाक की बात यह रही कि जिस दिन हम दोनों की शादी हुई थी उसी दिन उन दोनों की भी शादी हुई थी और अगले ही दिन मेरा बर्थडे था, राकेश कहने लगा कि चलो यह तो अच्छी बात है हम लोग भी यहां चार-पांच दिन रुकेंगे और इसी बहाने आपका बर्थडे भी हम लोग सेलिब्रेट कर लेंगे, मैंने उन्हें कहा क्यों नहीं।

हम लोगों ने साथ में एक अच्छा समय बिताया काफी समय बाद मैंने रुची के चेहरे पर इतनी खुशी देखी थी वह बहुत खुश थी और कहने लगी मुझे मोनीका के साथ बात कर के अच्छा लगा, मैंने रुची से कहा चलो इस बहाने तुम्हारी किसी से तो बात हुई नहीं तो तुम हमेशा ही उखड़ी सी रहती हो, काव्य मुझे कहने लगी अब तुम्हारा देखने का अंदाज ही ऐसा है तो मैं उसमें कुछ नहीं कर सकती और वह बिस्तर में जा कर लेट गई, फिर मैं भी सो गया और अगले दिन जब मेरे बर्थडे की तैयारी होटल में ही हो रही थी तो मैंने होटल में जितने भी गेस्ट रुके थे उन सबको इनवाइट कर लिया, उस दिन हमने ड्रिंक का भी इंतजाम कर दिया।

जब रुची और मैं डांस कर रहे थे तो सब लोग तालियां बजा रहे थे मैंने भी राकेश से कहा कि तुम भी मोनीका के साथ डांस करो, राकेश भी मोनीका के साथ डांस करने लगा हम लोग बड़े ही एंजॉय कर रहे थे और मुझे बहुत अच्छा लग रहा था मैंने उस दिन थोड़ा ज्यादा शराब भी पी ली थी रुची ने भी उस दिन थोड़ी ड्रिंक कर ली थी उसे भी हल्का नशा हो गया था, राकेश और मोनीका भी लगातार ड्रिंक कर रहे थे जिससे कि उन दोनों को भी नशा होने लगा था लेकिन पार्टी में बड़ा मजा आ रहा था और सब लोग बहुत एंजॉय कर रहे थे।

धीरे-धीरे सब लोग नशे में होते जा रहे थे राकेश तो इतना ज्यादा नशे में हो गया कि उसे मुझे कंधे में उठाकर उसके बिस्तर तक ले जाना पड़ा। रुची भी सो चुकी थी मोनीका और मैं बैठ कर बात कर रहे थे मोनीका को तो जैसे बिल्कुल भी नशा नहीं हुआ था। उसने जब मेरी बाहों में आने की कोशिश की तो मुझसे भी नहीं रहा गया राकेश भी सो चुका था और उसके बच्चे भी गहरी नींद में थे। मैंने मोनीका की ड्रेस को उतारते हुए उसकी लाल रंग की पैंटी को नीचे उतार दिया उसे घोड़ी बनाकर चोदना शुरू किया। वह अपने मुंह से बड़ी मादक आवाज निकाल रही थी लेकिन उसकी गोरी गोरी गांड जब मेरे लंड से टकराती तो मुझे बड़ा मजा आता मैं उसके स्तनों को भी दबाए जा रहा था उसका बदन बड़ा ही सेक्सी है।

मोनीका को चोदकर मुझे बड़ा मजा आ रहा था क्योंकि रुची के साथ मैंने लंबे अरसे से सेक्स नहीं किया था हम दोनो के बीच जैसे सेक्स नाम की चीज बची ही नहीं थी लेकिन मोनीका ने उस दिन मेरी बरसो की इच्छा को पूरा कर दिया उसकी चूत मारने में मुझे बड़ा मजा आ रहा था। मैंने उससे पूछा तुम तो राकेश को बड़े ही मजे देती होंगी। वह कहने लगी मैने राकेश को हमेशा सेक्स के लिए कभी कोई शिकायत नहीं होने दी उसके साथ में सेक्स का मजा लेती हूं लेकिन आज वह जल्दी सो गया इसलिए मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करने की इच्छा हुई।

मैंने काफी देर तक मोनीका के बदन के मजे लिए जब उसकी चूत से पानी बाहर छूटने लगा तो मैं भी झडने वाला था मैंने अपने वीर्य को मोनीका की गोरी गांड पर गिरा दिया। हम दोनों ने अपने कपड़े पहन लिए हम लोग काफी देर तक बात करते रहे रात भी काफी हो चुकी थी मैंने मोनीका से कहा मैं अब सोने चलता हूं वह कहने लगी मुझे भी बहुत नींद आ रही है मैं अपने रूम में सोने के लिए चला गया और मोनीका भी सो गई। अगली सुबह जब हम मिले तो जैसे मोनीका को कुछ भी याद नहीं था लेकिन रात भर मैंने उसके साथ जो मजे लिए मैं तो उसकी सिर्फ कल्पना मात्र से ही खुश हो जाता हूं।

हम सब लोगों ने पार्टी का तो रात भर मजा लिया था और सुबह हम लोग रात की पार्टी की ही बात कर रहे थे। राकेश कहने लगा कि चलो इस बहाने हम दोनों परिवार की मुलाकात तो हुई और अब आगे भी मुलाकात होती रहेगी, मैंने राकेश से कहा क्यों नहीं यदि आप लोग हमें अपने दिल में जगह दोगे तो हम लोग आपसे संपर्क करते रहेंगे, मोनीका कहने लगी कि हां हम लोगों को आपके साथ बहुत अच्छा लगा और मुझे तो काव्य के साथ भी बहुत अच्छा लगा, रुची के चेहरे पर भी मुस्कान थी और उसके चेहरे पर मैं जब भी मुस्कान देखता तो मुझे बहुत अच्छा लगता।

हम लोग जितने दिनों तक भी साथ में थे उतने दिन मुझे भी बहुत अच्छा लगा और जब हम लोग अपने घर वापस लौट आए तो कुछ दिनों तक तो मेरा मन काम करने का हुआ ही नहीं लेकिन फिर जब मैं काम करने लगा तो मैं अपने काम में व्यस्त हो चुका था और मुझे बिल्कुल भी समय नहीं मिल पा रहा था परंतु मैं कोशिश करते हुए अपने लिए समय निकालने लगा और कुछ समय रुची के साथ भी बिताने लगा, रुची के मूड में भी अब परिवर्तन होने लगा था और मैं उसे समझाने में सफल हो गया था कि मैं उससे प्यार करता हूं मेरे लिए यह बहुत खुशी की बात थी कि रुची को भी मेरे प्यार का एहसास हो चुका था। वह हमेशा मेरा इंतजार करती और वह मुझे अब फोन भी करने लगी थी मैं बहुत खुश था और जब भी मुझे रुची का फोन आता तो मैं उसे कहता कि बस मैं अभी घर पहुंच रहा हूं।

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बिना लंड के चुदाई की प्यासी चुत | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/bina-lund-ke-chudai-ki-pyasi-chut.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/bina-lund-ke-chudai-ki-pyasi-chut.html#respond Sat, 16 Mar 2019 08:38:05 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14476 मैं अपने अंदर के ज्वालामुखी को ना रोक सका और वह उस वक्त फट गया। मैंने उसके होठों को किस किया और जब उसके कपड़े उतारे तो उसके स्तनों को मैंने काफी देर तक चूसा उसके स्तन बड़े ही लाजवाब थे मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि पर सटाते हुए अंदर की तरफ धकेला तो वह चिल्ला उठी।

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मैं जयपुर में नौकरी करता हूं और मैं जिस कंपनी में नौकरी करता हूं उस के सिलसिले में मुझे कई बार अन्य शहरों में भी जाना पड़ता है मैं अपने घर पर बहुत कम ही समय बिताया करता हूं क्योंकि मुझे ज्यादातर बाहर ही रहना पड़ता है। एक बार मैं अपने काम के सिलसिले में दिल्ली चला गया दिल्ली में मेरे चाचा जी भी काम करते हैं वह सरकारी विभाग में है और वहां पर उन्हें काम करते हुए 3 साल हो चुके हैं मैं जब भी दिल्ली जाता हूं तो मैं उन्हीं के पास रुकता हूं। मैंने अपने चाचा जी को फोन किया और कहा मैं दिल्ली आने वाला हूं चाचा कहने लगे ठीक है बेटा तुम आ जाओ मैं अपने चाचा जी के पास चला गया वह लोग सरकारी क्वार्टर में रहते हैं उन्हें गवर्नमेंट की तरफ से रहने के लिए घर मिला हुआ है।

चाचा जी मुझे कहने लगे बेटा तुम यहां कितने दिनों तक रुकने वाले हो मैंने चाचा से कहा अब देखते हैं कितने दिन यहां पर लगते हैं चाचा कहने लगे बेटा मैं भी सोच रहा था कि तुम्हारे साथ ही इस बार जयपुर चलूं काफी समय हो गया है जब हम लोग भैया भाभी से भी नहीं मिले और हमारा घर पर भी आना नहीं हो पाया। हम लोग अभी ज्वाइंट फैमिली में रहते हैं लेकिन चाचा जी की नौकरी की वजह से उनका परिवार उन्ही के साथ रहता है हमारे साथ मेरे ताऊजी और उनका परिवार रहता है हमारा परिवार काफी बड़ा है मेरे चाचा जी का नेचर भी बहुत अच्छा है और मेरे पापा मेरे ताऊजी की बड़ी तारीफ किया करते हैं वह कहते हैं अमरदीप भाई साहब बडे ही समझदार है।

मेरे चाचा पढ़ने में बहुत अच्छे थे इसलिए उन्होंने सरकारी नौकरी की और जब उनकी नौकरी लग गई तो उसके बाद उन्होंने अपनी जिम्मेदारी खुद ही उठाई। मेरे दादा जी का देहांत काफी समय पहले ही हो चुका था लेकिन मेरे ताऊजी और मेरे पिता जी ने बहुत मेहनत की और उन्होंने चाचा के लिए कभी कोई कमी नहीं की इसीलिए वह भी मेरे पिताजी और ताऊजी जी की बड़ी इज्जत करते हैं। मैंने चाचा से कहा हां चाचा क्यों नहीं आप भी इस बार जयपुर चलिए आपको भी घर आए हुए काफी समय हो चुका है चाचा कहने लगे बेटा तुम्हें तो मालूम है परिवार के साथ अब कहीं भी जाना संभव ही नहीं हो पाता मैंने चाचा से कहा तो आप इस बार जरूर चलिएगा चाचा कहने लगे ठीक है बेटा इस बार जरूर चलेंगे।

मैं कुछ दिनों तक दिल्ली में ही रहने वाला था मैं सुबह अपने काम से निकल जाया करता था और शाम को आता था एक शाम जब मैं अपने काम से लौटा तो उस दिन उनके पड़ोस में रहने वाली एक आंटी आई हुई थी और वह हमारी चाची के साथ बात कर रही थी। मेरी चाची ने मुझसे उनका परिचय करवाया मैंने उनसे उनके हालचाल पूछा और मैं रूम के अंदर चला गया मैं फ्रेश होने के लिए चला गया और जब मैं कपड़े चेंज करके बाहर आया तो मैंने देखा एक लड़की भी बैठी हुई थी। मेरी चाची ने कहा यह सुनिधी है मैंने जब सुनिधी को देखा तो मुझे वह बहुत अच्छी लगी और उसे देखते ही मेरे दिल में जैसे उसके प्रति एक अलग ही फीलिंग आने लगी मैं सुनिधी को देखता रहा चाची ने सुनिधी को भी मुझसे मिलवाया और कहा यह हर्षित है।

मुझे नहीं मालूम था कि सुनिधी उन्ही आंटी की लड़की है जो कुछ देर पहले चाची से बात कर रही थी चाची ने मुझे बताया कि अभी जो आंटी मुझसे बात कर रही थी वह सुनिधी की मम्मी है। मैंने सुनिधी से बडे ही फ्रैंकली तरीके से बात की और उसे पूछा तुम क्या कर रही हो सुनिधी कहने लगी मैं स्कूल में बच्चों को पढ़ाती हूं। वह एक प्राइवेट स्कूल में टीचर है लेकिन जब मैंने सुनिधी को देखा तो उसे देखकर मुझे बहुत अच्छा लगा मैं पहली बार ही सुनिधी से मिला था परंतु उसके चेहरे की मासूमियत मुझे अपनी तरफ खींच रही थी और ना जाने मुझे एक अलग ही फीलिंग उसे लेकर आने लगी।

मैं सुनिधी से बात कर रहा था तो मुझे अच्छा लगा लेकिन ज्यादा देर तक मैं उससे बात ना कर सका वह अपने घर चली गई सुनिधी जब अपने घर गई तो मुझे ऐसा लगा जैसे कि मैं उससे बात करता ही रहूं लेकिन यह संभव नहीं था फिर मैंने सुनिधी से उसके बाद बात नहीं की और ना ही वह मुझे मिली। मैं चाचा और चाची के साथ जयपुर वापस आ गया था वह लोग कुछ दिनों तक जयपुर में रहे लेकिन मैं सोचने लगा कि कब मैं दिल्ली जाऊंगा और कब मेरी सुनिधी से दोबारा मुलाकात हो लेकिन मेरा दिल्ली जाना हो ही नहीं पा रहा था।

मैंने एक दिन सोचा कि क्यों ना मैं छुट्टी लेकर चले जाऊं मैंने अपने ऑफिस से कुछ दिनों की छुट्टी ले ली और मैं दिल्ली चला गया। मैं जब दिल्ली गया तो मुझे बहुत अच्छा लगा और उस वक्त मेरी मुलाकात सुनिधी से हो गई सुनिधी से मैं जब भी बात करता तो मुझे अच्छा लगता मैं चाहता था कि मुझे सुनिधी का नंबर मिल जाए ताकि मेरी बात उससे फोन पर होती रहे। एक दिन सुनिधी से मैंने उसका फोन नंबर ले लिया और उससे मैं फोन के माध्यम से बात करने लगा लेकिन सुनिधी को मेरा फोन पर बात करना अच्छा नहीं लगता था इसलिए वह मेरा फोन कम ही उठाया करती थी। वह बहुत ही अच्छी लड़की है उसे यह एहसास हो चुका था कि मैं उससे बात करने की कोशिश कर रहा हूं और मैं जानबूझकर उसे फोन करता। मुझे सुनिधी से बात करना वाकई में अच्छा लगता है और सुनिधी से बात कर के मुझे बहुत खुशी होती सुनिधी को मैंने अपने दिल की बात नहीं बताई थी लेकिन उसे मैं जल्द ही अपने दिल की बात बताना चाहता था।

कुछ ही समय मे मैंने सुनिधी को अपने फीलिंग का इजहार कर दिया लेकिन उसने मुझे मना कर दिया और कहा देखो हर्षित मैं तुम्हें एक अच्छा लड़का मानती हूं और मुझे मालूम है कि तुम दिल के बहुत अच्छे हो लेकिन मैं इन चक्करो में नहीं पढ़ना चाहती। मैंने उसे कहा क्या हम लोग यह सब बातें एक दूसरे से थोड़ा समय निकाल के कर सकते हैं सुनिधी ने कुछ देर सोचा और कहने लगी ठीक है मैं देखती हूं मैं तुम्हें फोन करता हूं जब मैं फ्री हो जाऊंगी। मैं सुनिधी का इंतजार करता रहा लेकिन उसका फोन मुझे नहीं आया और मुझे वापस जयपुर आना पड़ा क्योंकि मेरी छुट्टियां भी खत्म हो चुकी थी मैं जयपुर चला आया था।

सुनिधी का मुझे एक दिन फोन आया और वह कहने लगी मैं तो सोच रही थी कि तुम कुछ दिन और यहां रुकोगे लेकिन तुम तो जयपुर चले गए मैंने उसे कहा मेरी छुट्टियां खत्म हो गई थी इसलिए मुझे जयपुर आना पड़ा लेकिन तुम्हारे पास वक्त ही नहीं था और ना ही तुमने मुझे फोन किया। सुनिधी को भी शायद अपनी गलती का एहसास था सुनिधी ने मुझे सॉरी कहा मैंने उसे कहा तुम्हें मुझे सॉरी कहने की जरूरत नहीं है मैं तो सिर्फ चाहता था कि हम दोनों साथ में बैठकर अकेले में बात करें क्योंकि तुम्हें मेरे बारे में अभी अच्छे से नहीं पता और ना हीं तुम मेरे बारे में कुछ जानती हो।

तुम अपनी जगह बिल्कुल सही थी इसलिए तो मैं चाहता था कि हम लोग एक दूसरे से बात करें ताकि हम दोनों एक दूसरे को समझ सके मेरे दिल में जो तुम्हारे लिए फीलिंग थी मैंने तुम्हें वह बता दी थी। सुनिधी मुझे कहने लगी मुझे मालूम है कि तुम मेरे बारे में क्या सोचते हो मैंने सुनिधी से कहा मेरे दिल में तुम्हारे लिए बड़ी इज्जत है और मैंने जब तुम्हें पहली बार देखा था तो उसी वक्त मैं तुमसे प्यार कर बैठा था। सुनिधी कहने लगी जब तुम दिल्ली आओ तो मुझे फोन कर देना मैंने सुनिधी से कहा ठीक है मैं जब भी दिल्ली आऊंगा तो मैं तुम्हें फोन कर दूंगा। मैं सुनिधी से काफी समय तक मिल नहीं पाया परंतु मुझे काफी समय बाद सुनिधी से मिलने का मौका मिला मैं दिल्ली चला गया। जब मैं दिल्ली गया तो मैंने सुनिधी को फोन किया उससे मेरी बात फोन पर ही हुई। वह मुझे कहने लगी क्या तुम दिल्ली आए हुए हो मैंने उसे बताया हां मैं दिल्ली आया हूं।

वह मुझे कहने लगी तुम शाम को मुझे मिलना शाम के वक्त मै घर पर ही रहूंगी हम लोग मेरे घर पर ही बैठ जाएंगे। मैंने सुनिधी से कहा ठीक है मैं शाम के वक्त अपने ऑफिस के काम से भी फ्री हो जाऊंगा और तुमसे मिलने के लिए आ जाऊंगा। मैं शाम के वक्त अपने ऑफिस के काम से फ्री हुआ तो मैंने सुनिधी को फोन किया सुनिधी मुझे कहने लगी तुम घर पर आ जाओ। मै सुनिधी से मिलने के लिए घर पर चला गया जब मैं सुनिधी से मिलने उसके घर पर गया तो वह सोफे पर बैठी हुई थी।

सुनिधी ने मुझसे कहा आओ बैठो मैं सुनिधी की तरफ देखने लगा और उसके बगल में जाकर बैठ गया। हम दोनों एक दूसरे से बात कर रहे थे सुनिधी ने मुझसे कहा देखो हर्षित तुम मुझे अच्छे लगते हो लेकिन मैंने कभी तुम्हारे बारे में ऐसा नहीं सोचा। मैंने सुनिधी से कहा मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूं और यह कहते हुए मैंने उसे अपने गले लगाने की कोशिश की लेकिन वह मुझसे दूर जाने लगी।

मैंने उसे अपनी बाहों में ले लिया मैं अपने अंदर के ज्वालामुखी को ना रोक सका और वह उस वक्त फट गया। मैंने उसके होठों को किस किया और सुनिधी को सोफे पर लेटा दिया वह छटपटाने लगी लेकिन मैंने उसे छोड़ा नही। मैंने जब उसके कपड़े उतारे तो उसके स्तनों को मैंने काफी देर तक चूसा उसके स्तन बड़े ही लाजवाब थे मैंने जैसे ही अपने लंड को उसकी योनि पर सटाते हुए अंदर की तरफ धकेला तो वह चिल्ला उठी। वह काफी तेजी से चिल्लाई मुझे उसे धक्के देने में बहुत मजा आया मैंने उसे तेजी से धकके दिए।

काफी देर तक मैंने उसके बदन की गर्मी को महसूस किया जब मैं पूरी तरीके से संतुष्ट हो गया तो मैंने उसे अपने गले लगा लिया और कहा तुम्हें रोने की आवश्यकता नहीं है मैं तुमसे सच्चा प्यार करता हूं। उस दिन के बाद वह मुझसे प्यार कर बैठी और उसे समझ आ गया की मैं उससे कितना प्यार करता हूं। जब भी मैं दिल्ली जाता तो वह मुझे कहती तुम घर पर ही आ जाओ मैं उससे मिलने के लिए घर पर ही चला जाता हूं।

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देसी गर्ल की चुदाई विदेशी लौड़े से | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/desi-girl-ki-chudai-videsi-laude-se.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/desi-girl-ki-chudai-videsi-laude-se.html#respond Thu, 14 Mar 2019 09:03:09 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14463 मैंने चुदाई का गन्दा खेल शुरू कर दिया | मैंने उसकी चूत जो एक दम गुलाबी थी उसमे अपना लंड घुसाया और वो सिसकियाँ लेने लगी | उसके बाद मैंने उसे रफ़्तार के साथ चोदना चालू किया और उसकी चूत पे अपने लंड से वार करने लगा |

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सुप्रभात दोस्तों | मैं एक अस्पताल में काम करता हूँ | मैं रोजाना अस्पताल जाता हूँ और मरीजो का इलाज करता हूँ | मैंने अपने बचपन में कुछ ख़ास नहीं किया | सिर्फ डॉक्टर बनने की तयारी में लगा रहता था | मैं अपने घरवालो से दूर रहता था और इसकी असली वजह मेरा डॉक्टर बनना था | मैं बचपन से ही डॉक्टर बनना की खवाहिस ले कर आगा बढता रहा हूँ जब मुझे बचपन में कोई पूछता आप बड़े हो कर क्या बनोगे तो मैं उन्हे जवाब देता था डॉक्टर बनूँगा | मैं कुछ खास करने की खातिर घरवालो को छोडकर रहने लगा था |

मैं छतीसगढ़ में रहता था ताकि डॉक्टर की तयारी कर सकू | मैने अपना बचपन डॉक्टर बनने की तयारी में लगा दी | छतीसगढ़ में रहकर मैंने चुदाई किया था | मैं ने इस शानदार कारनामे को अंजाम देने के लिए 500 रूपए खर्चा किया था | छतीसगढ़ में धंधे वाली लडकिया रहती है जिनको एक कोटा जैसे वाली जगह से प्राप्त किया जा सकता है | छतीसगढ़ शहर में एक जगह ऐसी है जहा पर आप कुछ ऐसा पाओगे जो कबीले तारीफ है | इस जगह पर पहुचकर मैं ने एक लड़की की चुदाई किया और वो भी 500 रूपए में | मैं छतीसगढ़ में किराये के मकान में रहता था | मुझे एक दोस्त ने धंधे वाली लड़कियों के पास ले जाना का फैसला किया | मैं जब छतीसगढ़ में था तो मैं पढाई करते हुए अपना वक्त घुमने के लिए भी निकालता था | उस घुमने के वक्त पर मैं और मेरा दोस्त चुदाई में व्यस्त रहते थे | उसने मुझे चोदना सिखाया था | डॉक्टर की पढाई मेरे लिए फायदेमंद साबित हुई |

मै चोदना से पहेले कन्डोम का उपयोग किया करता था | बिना कन्डोम पहनकर लड़कियों को चोदना खतरनाक होता है | डॉक्टर कि पढाई मुझे रास आती थी इसलिए मैं ने अपना वक्त पढाई को दिया करता था | रोज पढाई करता था जैसे ही वक्त बिता और मैं ने पुरे पांच साल पुरे कर लिया तो मुझे डॉक्टर की उपादी मिल गयी | अब किसी को डॉक्टर बनना होता है तो पहेले उसे डॉक्टर की उपाधि पाना होता है | बिना उपाधि कोई भी डॉक्टर नही बन सकता है | डॉक्टर बनने के बाद मैं ने अस्पाताल में कार्य करना शुरु किया | मैंने शुरु में एक अस्पातल में कार्य किया वहा से अनुभव प्राप्त करने के बाद मैं ने अलग आस्पतालो में नौकरी करी | मेरे पास अनुभव था इसलिए अस्पतालो में मुझे आधिक तनखा भी दिया जाता था |

मैं तनखा का कुछ हिस्सा छतीसगढ़ की बाजारू लड़कियों में खर्च कर दिया करता था | मैं लड़कियों को पटाने में भी काफी रूचि लेता था | इसलिए मैं एक बड़ी नौकरी पाने के बाद हमेशा कुछ नया करने की तालाश में रहता था | मैं अब धंधे वाली लड़कीयो के आलावा आम शहर की लड़कियों को पटाने में लगा रहता था | मैंने एक लड़की भी पटाई छतीसगढ़ में | मैं ने उस लड़की को चोदो | जब मैं उस लडकी को चोद रहा था तब मैं ने उस लडकी के कपड़े को उपर उठाया और उसके कपड़े को बिना उतारे फिर मैं उस लडकी की चूत के अन्दर अपने लंड को डाला हुआ था | उसके बाद मैं ने उस लडकी के गांड के अन्दर अपने लंड को डाल दिया |

उस दिन उस लडकी को चोदने का मैं ने जो करनामा किया था वो काफी कारगर था | उस लडकी की चुदाई जब चल रही थी तब मैं ने कुछ देर बाद अपने लंड को उसकी चूत से बाहर निकाला और मेरे लंड से माल गिर रहा था | लेकिन उस लड़की को पटाना इतना सरल नहीं था | उसने मुझे चुदाई का मौका तो दिया लेकिन वह लड़की पटने से पहेले भाव खाती थी | छतीसगढ़ में मैंने उसे एक कमरे में ले जा कर चुदाई की | घुमने के लिए एक गाडी को बूक करता था | वह लड़की मेरी बूक की हुई गाडी में आती थी और हम लोग गाडी में घुसे रहते थे | उसे मैं ने गाडी में भी चुदाई कर चूका हूँ | वह इतनी सुन्दर थी उसे चोदने की खातिर मैंने उसके लिए गाडी में भी अपने तनखा का कुछ हिस्सा खर्च कर देता था | वह मुझ से नाराज रहती थी तो मैं उसके लिए तोफा लाता था | वह तोफा पाकर खुस होती थी | उसे मैं महेंगे तोफे दिया करता था |

मैंने जैसे उसे महेंगी सी अंगूठी और गले में पहनने के लिए चैन भी दिया | वह मुझ से ऐसा बरताव करती थी जैसे की मैं कोई रहीस हूँ वह मुझे पकवान भी खिलाती थी | छतीसगढ़ के पकवान स्वादिस्ट होते है | अगर आप भी छतीसगढ़ आये तो एक बार यहा का पकवान अवस्य खाए | छतीसगढ़ का पकवान खाने के लिए लोग दूर के शहरो से भी यहा पर आते है | छतीसगढ़ में रहते हुए मैं सारी गलियो में घूम चूका हूँ |

छतीसगढ़ के अदिकांस लोगो से मेरी मित्रता है | अब जब मैं छतीसगढ़ से लौटकर अपने पापा के शहर में जाता हूँ तो लोग मुझे छतीसगढ़ का निवासी के रूप में मुझे पहचानते है | मैं ने छतीसगढ़ में रहकर एक ख़ास पहचान बना ली है | मुझे अब छतीसगढ़ के एक बड़े अस्पताल से बुलावा आया है उस अस्पातल में अगर कार्य करूँगा तो मुझे एक कार भी दिया जायेगे | मैं ने अपने जीवन में बड़ी उप्लाब्दिया प्राप्त किया है | उन उप्लाब्दियो के वजह से लोग मुझ पर गर्व करते है | उप्लाब्दिया प्राप्त करने के लिए आप को भी अपना सारा वक्त उप्लाब्दियो को प्राप्त करने के लिए देना पडता है | छतीसगढ़ में रहते हुए मुझे करीब 8 साल हो चूका है |

मुझे अब अपने अगला पड़ाव अन्य शहरो की तरफ करना है क्योकि यह मेरे लिए एक बड़ा मौके की तरह है | अन्य शहरो में मेरे अनुभव को बदौलत मुझे बड़ी नौकरी रखी है इसके आलावा रहने के लिए घर और आने जाने के लिए एक कार भी दिया जा रहा है | कारीब 8 साल तक छतीसगढ़ के आस्पताल में कार्य करने के बाद मैं ने अब अन्य शहरो में भी कार्य करने का फैसला किया है | मैं अपने जीवन में सफलता की सीडी पर चड़ने की कोशिश में लगा रहता हूँ | इसके आलावा बुडापे तक लोगो का इलाज करते हुए उनकी सेवा करने का फैसला किया है | मेरे फैसले पर मेरे घरवाले मुझ पर गर्व करते है |

बैंगलोर एक शहर है जहा पर मुझे जाना था | मैं बैंगलोर गया और वहा पर एक साल तक डॉक्टर की नौकारी किया | बैंगलोर के अस्पातल में कार्य करते वक्त मैं ने एक नर्स से दोस्ती किया था | उस लड़की से भी मेरा सम्बन्द करीब 3 साल तक चला | 3 साल बाद उसकी शादी हो गयी | मैं अपने बैंगलोर के अस्पातल में कार्य करते वक्त कुछ फुरसत का वक्त भी निकलता हूँ ताकि मैं नर्स वाली लड़कियों से दोस्ती कर सकू | मैं ने कई सारी नर्सो से दोस्ती किया है | बैंगलोर में मैंने पहेली नर्स को चोदा था तो मैं ने उसे एक अस्पातल में चोदो था | उस नर्स को मैं अपनी अस्पातल की तरफ से दिया गया कार से घुमाता था | उस नर्स को मेरी कार से घूमना पसंद था | मैं उस अस्पातल में 8 घंटे की नौकरी करता था |

मुझे रात का भी शिफ्ट दिया जाता था ताकि मैं अधिक कमा सकू लेकिन मैं वैसे भी सुबह के वक्त कार्य करता था मैं रात की शिफ्ट को पसन्द नहीं करता था | लेकिन मुझे जब भी सुबह कोई ख़ास कार्यकर्म के लिए वक्त निकालना पडता था तब मैं रात के शिफ्ट में कार्य करता था | रात के वक्त मैं जब आस्पताल में कार्य करता था तब उस वक्त मुझे मौका मिलता था मेरी बैंगलोर की पहेली नर्स को चोदने का | लेकिन कोई न आजाये उस डर से मुझे सतर्क रहना पडता था | चोदने के लिए मैं एक लड़के की सहायता लेता था जो आस्पताल कि सफाई करता था |

मैंने उस नर्स को अपने घर पर ले जा कर भी चोदा है | उस लड़की की सुन्दरता सम्मानिये थी | उसकी सुन्दरता के कारण मैं ने उस लड़की से दोस्ती करने का फैसला किया था | तीन साल के सम्बन्द के दौरान मैं ने उस लड़की की चुदाई किया | मेरे पास अधिक धन था जो की मुझे नौकरी के दौरान दिया जाता था | डॉक्टर की नौकरी एक रहीस वाली नौकरी होती है इसलिए मेरे पास धन अधिक था | मैं भी एक गुलाम की तरह उस नर्स पर अपना कमाया हुआ धन खर्च किया करता था | मुझे अपने धन को सहज कर रखना भी आता है | भले मुझे एक कार अस्पातल के तरफ से मिली थी लेकिन मैं ने अलग से एक कार ले ली थी इसलिए अस्पातल को उनकी कार लौटा दी | अब मेरे पास कार है जिसकी किम्मत 8 लाख है | मुझे एक बार भारत से बाहर जाने का मौका भी मिला था |

लन्दन एक ऐसा देश है जहा पर लोग का रहन सहन शानदार है रहने के लिए वहां का मौसम भी तारीफ करने लायक है | मैंने लन्दन में उस नर्स को कई जगह पर ले कर घूम चूका हूँ | मेरे पास और उस नर्स के पास जब फुरसत का वक्त होता था तब मैं उस लड़की को अपने लन्दन वाले घर में चोदता था | जब मैं उस लडकी को चोद रहा था तब पहले मैं ने उस लडकी से कहा की क्या तुम मेरा लंड चूस सकती हो तब उस लडकी ने मुझ से कहा की हा मैं चूस सकती हूँ |

उसके बाद उस लडकी ने मुझ से कहा की क्या तुम मेरे बदन को दबा सकते हो तो मैं उसके बदन को अपने हाथो से दबाना शुरु कर दिया | कुछ समय के बाद मैंने अपना लंड उसकी चूत पर घुसा दिया | उसकी चूत पर अपना लंड डालकर हिला रहा था | जब मैं उस चोद कर थक गया तब मेरे लंड से माल बाहर आने लगा | लेकिन मैने उसे चोदना नही छोड़ा | मैने उसके बाद उस लडकी के गांड के अन्दर अपना घुसेड दिया | उसके बाद मैने उस लडकी के दूध को अपने हाथो से दबाया | उसने भी मेरा साथ दिया और मेरा लंड चूसते हुए उसने मेरे सोये लंड को जगा दिया |

उसके बाद क्या था फिर मैंने वही चुदाई का गन्दा खेल शुरू कर दिया | मैंने उसकी चूत जो एक दम गुलाबी थी उसमे अपना लंड घुसाया और वो सिसकियाँ लेने लगी | उसके बाद मैंने उसे रफ़्तार के साथ चोदना चालू किया और उसकी चूत पे अपने लंड से वार करने लगा | मेरा लंड पूरे जोश में था और उसकी चूत को फाड़ देना चाहता था | बस वार तब तक चला जब तक मुट्ठ नही निकला |

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काया भाभी के धोखे में साली | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/kaya-bhabhi-ke-dhoke-me-sali.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/kaya-bhabhi-ke-dhoke-me-sali.html#respond Tue, 12 Mar 2019 11:05:52 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14442 जैसे ही मैंने धक्के लगाना चालू किये तो खटिया चर्र चर्र की आवाज़ करने लगी तो मैंने उसे बिना उसकी चूत से लंड निकाले उसे गोद में उठा लिया और जमीन पर नीचे लिटाकर धक्के लगाना शुरू कर दिया तभी उसने मेरे कान में कहा कि जीजू बहुत मजा आ रहा है धक्के और तेज लगाओ |

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प्रेषक : विशु कपूर दोस्तो, सबसे पहले आदरणीय गुरुजी को सादर प्रणाम स्वीकार हो जिनकी कृपा से सभी को लंड को खड़ा करने वाली और चूत में उंगली डालने को मजबूर करने वाली कामुक कहानियाँ पढ़ने और लिखने को मिल जाती हैं | तो दोस्तो सबसे पहले मैं आप सबको अपने बारे में बता दूँ वैसे तो मैं आपका जाना पहचाना हूँ लेकिन हो सकता है शायद मुझे कुछ नए पाठक और पठिकायें दोस्त मुझे न जानते हो उनके लिए मेरा परिचय तो बनता है|

दोस्तो,मैं आगरा से एक 26 साल का एक कुँवारा और सजीला नौजवान हूँ लेकिन जनवरी 2017 से अपनी मौसी के साथ अहमदाबाद में रह रहा हूँ | मेरे जिम जाने के कारण मेरा बदन गठीला है और मेरे लंड की नाप 9 इंच है जो ज्यादातर फीमेल्स की जान है | अब मैं आपको ज्यादा बोर न करते हुए अपनी कहानी पर आता हूँ|

दोस्तो, मैं अभी एक हफ्ते पहले मैं अपने पार्लर में एक कुँवारी लड़की की चूत की सील तोड़ रहा था उसी दौरान मेरे फ़ोन की घंटी बजी और जैसा कि आप सभी जानते हैं कि मैं चुदाई के दौरान किसी का भी फोन अटेंड नही करता हूँ जब मैं उस लड़की की चुदाई करके फारिग हुआ तो मैंने अपना फोन देखा तो उसमें काया भाभी की कई मिस्ड कॉल्स थी तो मैंने उन्हें कॉल किया| तो काया भाभी ने मुझसे पूछा कि देवर जी, इस बार दीवाली पर आपका क्या प्रोग्राम है? तो मैंने उन्हें जवाब दिया कि भाभी मैं अभी कुछ दिन पहले ही गाँव होकर आया हूँ अब होली पर ही गाँव जाऊँगा और वैसे भी बार बार छुट्टी करना उचित नही है क्योंकि काम का भारी नुकसान होता है|

खैर उन्होंने पूछा कि इस बार दीवाली जयपुर में साथ साथ मनाएं तो कैसा रहेगा? तो मैंने कहा कि भाभी कोशिश करता हूँ लेकिन शायद छुट्टी न मिले तो बॉबी भैया ने मुझे कसम दे दी और कहा कि विशु तुझे जयपुर दीवाली मनाने हमारे साथ आना ही पड़ेगा ओ0 के0| मैं काया भाभी और बॉबी भैया के प्यार भरे इस न्योते को टाल नही पाया और यह कहकर फोन काट दिया कि कोशिश करता हूँ | कई दिन से जयपुर से जान्हवी (बदला हुआ नाम) जो मेरी क्लाइंट थी कॉल कर रही थी जिसे मैंने अपनी पहली सर्विस यहीं अपने पार्लर में दी थी जब वो अपनी कुछ सहेलियों के साथ एक शादी समारोह में आई थी और उसकी कोई भाभी के साथ मेरे पार्लर में आई थी तो उसे मेरे लंड का साइज और चुदाई की टाइमिंग इतनी पसंद आई कि वो अपनी सभी सहेलियों की सील मेरे लंड से तुड़वाना चाहती थी |

भाग्यवश जैसे ही मैंने काया भाभी की कॉल काटी उसके तुरंत बाद ही जान्हवी की कॉल आ गई तो मैंने उसे दीवाली की कह दिया कि मैं दीवाली पर जयपुर आ रहा हूँ तो जान्हवी बहुत ही खुश हुई तो उसने बताया कि मैं आपको सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर खुद लेने आऊँगी ओ0 के0 | उसके बाद में अपनी क्लाइंट्स को चोदने में लग गया और शाम तक मैंने सभी क्लाइंट्स को चोदा अंत में जब सभी क्लाइंट्स चुद कर चली गई तो मैंने भी घर जाने की सोची और पायल से मेरा लंड साबुन लगाकर साफ करने को कहा क्योंकि मैं अपने कपड़े तभी पहनता था जब पायल मेरे लंड को अच्छी तरह साबुन से साफ करती थी क्योंकि दिन भर कभी खून और चूत का रज लगता रहता था तो पायल ने मुझसे इच्छा जाहिर की वो मेरा लंड चूसना चाहती है क्योंकि उसे मेरा लंड चूसना और बीज पीना बहुत पसंद था इसलिए मैंने उसे हाँ कह दिया तो पायल ने मेरा मेरा लंड चूसा और मेरा बीज भी गटक गई|

उसके बाद उसने मेरे लंड को अच्छे से साफ किया और फिर अपने अपने कपड़े पहने और फिर मैंने पायल को उसके घर छोड़ा और अपने घर आ गया तो मौसी से कहा कि मौसी मैं दीवाली की छुट्टियों में अपने दोस्तों के साथ जयपुर घूमने जा रहा हूँ और फिर मैंने पायल को फोन किया और जयपुर घूमने के लिए पूछा तो उसने पूछा कि कौन कौन जा रहा है? मैंने बताया कि पगली मैं क्योंकि कई दिनों से लगातार क्लाइंट्स के फ़ोन आ रहे हैं जयपुर से और काया भाभी भी इस बार दीवाली पर जयपुर बुला रही हैं तो पायल ने तुरंत ही जवाब दिया कि तुम वहाँ चुदाई करोगे पर मैं तो लंड के लिए तरसुंगी न? तो मैंने पायल से कहा कि क्यों तरसोगी मैं तुम्हे रोज की तरह चोदा करूँगा न जब भी तुम्हारी चूत का दाना फड़केगा तो पायल बहुत खुश हुई और उसने झट से हाँ कह दी |

मैंने उसे पैकिंग करने को बोला और 2 घंटे बाद ही निकलने को कहा तो वो पैकिंग करने लग गई इधर मैंने भी खाना खाकर पैकिंग की और घर से निकलने से पहले ही मैंने पायल को दुबारा फोन किया तो पायल ने कहा कि विशु आप मेरे घर आ जाओ फिर चलेंगे मैंने ओ0 के0 कहा और अपनी बाइक लेकर पायल के घर पहुँच गया उस समय उसकी रूममेट भी साथ में थी कुछ देर उन दोनों से इधर उधर की बातें हुईं फिर कुछ देर बाद पायल ने अपनी रूममेट के सामने ही बेशर्म होकर बिंदास बोली कि विशु जी, मुझे आपका लंड चूसना है तो मैं उसकी रूममेट के सामने थोड़ा शरमा रहा था और आश्चर्यचकित भी हो रहा था कि पायल कितनी बेशर्म हो गई है इसे अपनी रूममेट की भी शरम महसूस नही हो रही है और ये मेरे लंड को चूसने की बात ऐसे कह रही है जैसे उसकी रूममेट मेरे लंड के बारे में पहले से जानती हो? खैर इधर पायल झट से मेरे पास आई और उसने मेरी पेण्ट की ज़िप खोली और मेरा लंड बाहर निकाल लिया |

जैसा कि दोस्तो आप जानते हैं कि मैं पेण्ट, जीन्स या पाजामे के अंदर कुछ भी नही पहनता हूँ तो उसकी रूममेट जिसका नाम त्रिशा (बदला हुआ नाम) था बोली कि पायल पेण्ट को पूरी उतार दे नही तो बीज से खराब हो जाएगी तो पायल ने मेरी पेण्ट ही उतार दी फिर पायल और त्रिशा ने मिलकर मेरा लंड चूसा और बीज भी पिया उसके बाद मैंने अपने कपड़े पहने तो त्रिशा बोली कि विशु जी अगर मुझे पीरियड न आ रहा होता तो मैं आपका इतने सुंदर लंबे और मोटे लंड से अपनी चूत की सील जरूर तुड़वाती खैर अब आपको मुझसे एक वादा करना होगा कि आप जयपुर से लौटने के बाद मेरी चूत की प्यास जरूर बुझाओगे |

मैंने त्रिशा को ओ0 के0 कहा और मैंने और पायल ने अपना अपना सामान उठाया और बस स्टैंड की और चल दिए | 10 मिनट बाद ही हम बस स्टैंड पहुँच गए लेकिन बस स्टैंड पर जयपुर की कोई बस नही थी तो मैंने पता किया तो बताया कि अभी अभी गई है और आप थोड़े से लेट हो गए हैं इस पर मैंने पायल से झुँझलाते हुए कहा कि देखा पायल तुम्हारे लंड चूसने के चक्कर में लेट हो गए और जयपुर की बस निकल गई तो पायल बोली कि प्राइवेट बस से चलते हैं तो हम दोनों एक ट्रेवल एजेंसी पर पहुँचे जो बस स्टैंड के पास ही थी मैंने दो टिकट बुक करने को कहा तो उसने तुरंत ही मुझे दो टिकट दे दी और टिकट लेकर मैं जैसे ही बस में चढ़ा तो देखा कि बस की नीचे की सभी सीट घिरी हुई थी तो मैं तुरंत ही बुकिंग विंडो पर लौटकर आया और मैंने कहा कि भैया जी आपकी बस में सभी सीट घिरी हुई हैं तो वो बोला कि कोई बात नहीं आपको एक स्लीपर केबिन दे देता हूँ ओ0 के0 तो तुरंत ही हमने अपने सभी सूटकेस डिक्की में रखकर हम दोनों अपने केबिन में घुस गए |

कुछ समय बाद ही बस चल पड़ी और करीब 16 – 17 घंटे के सफर के बाद जयपुर पहुँच गए | सिंधी कैम्प बस स्टैंड के पास ही बस ने हमें उतारा तो जयपुर पहुँचने से करीब 2 घंटे पहले मैंने जान्हवी को फोन करके यह बता दिया कि मैं कुछ देर बाद मैं जयपुर पहुँचने वाला हूँ तो जान्हवी ने कहा कि मैं आपको सिंधी कैम्प से रिसीव कर लूँगी ओ0 के0 | तो मैंने जान्हवी को फोन किया और बताया कि मैं सिंधी कैम्प पर खड़ा हुआ हूँ तो जान्हवी तुरन्त ही काली हौंडा सिटी गाड़ी से हमें रिसीव करने आ गई |तो मैंने पायल का परिचय जान्हवी से कराया तो जान्हवी थोड़ा चोंक सी गई और मेरी ओर सवालिया निशान देते हुए देखने लगी तो मैंने उसे गाड़ी में बैठते हुए बताया कि चोंकने की कोई आवश्यकता नही है पायल मेरी मदद और जयपुर घूमने के लिए आई है और हाँ पायल लंड बहुत ही अच्छी तरह चूसती है |

ये आप सबको लंड चूसना सिखाएगी क्यों पायल सिखाओगी न ? तो पायल ने हँसते हुए ऑफकोर्स कहा तभी जान्हवी ने अपनी गाड़ी जयपुर से बाहर ट्रांसपोर्ट नगर की तरफ ले ली और अपनी सभी सहेलियों को फ़ोन कर दिया कि विशु कपूर जयपुर आ चुके हैं इसलिए तुम सब मेरे फार्म हाउस पर 10 मिनट में पहुँच जाओ ओ0 के0 और फ़ोन काटकर उसने मेरी पेण्ट की ज़िप खोल दी और मेरा लंड निकालकर सहलाने लगी |

एक लड़की के हाथों का स्पर्श पाकर लंड तुरंत ही अपनी रंगत में आ गया और एकदम लोहे की गरम रॉड की तरह तन गया और उसका सुपाड़ा एक बड़े मशरूम की तरह फूल गया और टमाटर की तरह लाल हो गया | जिसे देखकर जान्हवी बहुत खुश हुई और बोली कि वाह विशु जी आपके लंड से हम सबको बहुत मजा आयेगा आज मेरे साथ साथ मेरी सभी सहेलियाँ आपकी गुलाम हो गई तभी पायल बोली कि जान्हवी जी अभी आपने विशु के लंड का साइज देखा है लंड को चूत या गाँड़ में डलवाकर नही देखा है जब इसे अपनी चूत में डलवाओगी तो यह आपकी चूत की चटनी बना देगा और कम से कम 1 घंटा तक बिना रुके लगातार धक्के लगेंगे न तो आपकी चूत रोने लगेगी | कहते कहते हम तीनों ही जान्हवी के फार्म हाउस पर पहुँच गए | पहुँचते ही जान्हवी ने मुझे मादर जात नंगा कर दिया और खुद भी नंगी हो गई और मेरा लंड चूसने की कोशिश करने लगी लेकिन लंड ज्यादा मोटा होने के कारण उसके मुँह में नही जा पा रहा था इसलिए उसने लंड के सुपाड़े की खाल को पीछे खिसका कर सुपाड़ा खोल दिया और उस पर अपनी जीभ चलाने लगी |

खैर, मैंने जान्हवी को चोदा और उसकी तीनो सहेलियों की सील तोड़ी और एक एक बार पायल सहित सबकी गाँड़ भी मेरी हम सभी जान्हवी के फार्म हाउस पर नंगे ही सो गए | सुबह के करीब चार बजे पायल ने मुझे मेरे लंड चूसकर जगाया तो मैंने एक एक राउंड सभी को चोदा जिससे मुझे बहुत थकान हो गई तो मुझे नींद आने लगी लेकिन जान्हवी और उसकी सहेलियों को अपने अपने घर जाना था तो मैंने पायल से कहा कि पायल, क्यों न हम भी इनके साथ सिंधी कैम्प बस स्टैंड तक चलें फिर वहाँ से बॉबी भैया को फ़ोन करके बुला लेंगे और उनके घर नहा धोकर आराम करेंगे चूँकि आज दीवाली है इसलिए बॉबी भैया घर पर ही होंगे तो पायल बोली ओ0 के0 चलो तो मैं और पायल भो जान्हवी की गाड़ी में बैठ गए तभी जान्हवी और उसकी तीनों सहेलियों ने मुझे मेरी फीस और टिप भी दी और वो सब अपनी अपनी गाड़ियों से अपने अपने घर चली गई और जान्हवी ने हमें सिंधी कैम्प बस स्टैंड छोड़ा और वो भी अपने घर चली गई |

उसके कुछ देर बाद मैंने बॉबी भैया को फ़ोन किया लेकिन बॉबी भैया का फ़ोन स्विच ऑफ जा रहा था तो मैंने काया भाभी को फोन किया तो भाभी ने फ़ोन उठा लिया तो मैंने भाभी से पूछा कि भाभी भैया का फ़ोन स्विच ऑफ क्यों है? मैं उनका फ़ोन कब से ट्राई कर रहा रहा हूँ | तो भाभी ने बताया कि तुम्हारे भैया करीब 20 दिन पहले कंपनी के काम से लंदन गए हैं और आज शाम तक वो जयपुर पहुँचेंगे | अभी वो फ्लाइट में होंगे इसलिए उनका फोन नही लग रहा होगा |मैंने भाभी से कहा कि भाभी मैं जयपुर सिंधी कैम्प बस स्टैंड पर खड़ा हूँ तो भाभी बहुत खुश हुई और बोली कि देवर जी तो क्या सोच रहे हो जल्दी से घर आ जाओ |

मैंने ओ0 के0 कहा और एक ऑटो लेकर पायल के साथ भाभी के घर पहुँच गया और जैसे ही भाभी ने पायल को देखा तो उन्होंने पायल के बारे में पूछा तो मैंने भाभी को बताया की पायल मेरे साथ मेरे पार्लर में काम करती है तो भाभी ने मुझसे आश्चर्य चकित होकर पूछा कि तुम पार्लर में क्या काम करते हो? तो मैंने भाभी को बताया कि भाभी अहमदाबाद में एक रेणुका नाम का एक लेडीज मसाज पार्लर है उसमें मैं एक मसाज बॉय की हैसियत से काम करता हूँ जिसमें मुझे हर फीमेल की फुल बॉडी मसाज और उनकी जरूरत के हिसाब से उनकी चुदाई भी करनी पड़ती है|

काया भाभी मेरी बात को एकदम मंत्रमुग्ध होकर सुन रही थी जबकि ये बात मैं पायल के सामने कर रहा था क्योंकि पायल मेरी सहकर्मी थी और काया भाभी मेरे से कई साल पहले चुद चुकी थी इसलिए पायल और काया भाभी के बीच मुझे खुल के बताने में कोई दिक्कत नही थी |तभी काया भाभी ने मुझसे पूछा कि विशु तेरे लंड में इतना दम है कि तू दिन भर लड़कियों और औरतों को चोद सके तभी पायल बीच में बोल पड़ी कि इनके उसमें बहुत दम है अगर ये एक बार शुरू हो जायें तो कम से कम एक घंटे के लिए फ्री इसीलिए तो हमारे पार्लर में बहुत क्लाइंट्स आती हैं और सभी को ये संतुष्ट करते हैं |

भाभी ने मुझसे पूछा कि विशु क्या तू मुझे एक बार अपना लंड दिखा सकता है? मैंने कहा कि भाभी मैं अभी सफर की थकान के कारण थका हुआ हूँ थोड़ा नहा धोकर रिलैक्स होना चाहता हूँ उसके बाद आप जो कहोगी मैं वो ही करूँगा ओ0 के0| तो भाभी ने ओ0 के0 कहा और झट से वहीं सोफे पर बैठ गई और मेरी पेंट की उस जगह को गौर से देखने लगी जहाँ लंड होता है तो मैंने भाभी से कहा कि भाभी बाथरूम में पानी आ रहा होगा या मुझे लेकर जाना पड़ेगा? तो भाभी ने कहा कि जाकर देख ले अभी अभी नया ग्रीज़र लगवाया है |

तो दोस्तो जैसा कि आप जानते ही होंगे कि मैं पेंट, जीन्स या पजामा के नीचे कुछ भी नही पहनता हूँ तो मैंने पायल को मेरे बैग से कपड़े निकलने को कहा तो पायल ने एक टॉवल निकालकर दिया जिसे मैं अपनी कमर पर लपेट कर में अपनी पेंट उतार रहा था ताकि भाभी मेरा लंड न देख पायें |लेकिन जैसे ही मैंने अपनी पेंट, शर्ट और बनियान उतारकर बाथरूम की ओर नहाने को चला तभी पायल के सामने मेरा तौलिया एकदम से खींच दिया जिससे मैं भाभी और पायल के सामने बिल्कुल नंगा हो गया |

जैसे ही मैंने बाथरूम में भागने की कोशिश की तब तक भाभी और पायल ने मुझे घेर लिया | मुझे इस बात की चिंता नही थी ये दोनों क्या सोचेंगी लेकिन मुझे इस बात का जरूर डर था कि उन लड़कियों ने मेरे बीज को कई बार निकाला था जिस कारण मुझे बहुत थकान थी इस वजह से मैं नहा धोकर थोड़ा आराम करना चाहता था ताकि मेरे शरीर में थोड़ी एनर्जी आ सके यह बात मैंने काया भाभी को बताई भी लेकिन वो नही मानी और उन्होंने मेरे लंड को पकड़ लिया और अपने दोनों हाथों से सहलाने लगी |औरत के हाथों का स्पर्श पाकर लंड अपनी औकात में आ गया और एकदम से लोहे की गरम रॉड की तरह तन गया | तभी काया भाभी ने पायल को मैन गेट लॉक करने को कहा और खुद भी एकदम से नंगी हो गई और घुटनों के बल बैठकर मेरा लंड को हाथ से स्पीड से आगे पीछे करके हिलाने लगी तो पायल बोली कि मुट्ठ मारकर क्यों उस बेचारे का बीज निकाल रही हो ? इससे अच्छा है कि इस क्यूट से लंड को लॉलीपाप की तरह मुँह में लेकर चुसो जिससे आपको भी मजा आएगा और उसे भी तो भाभी ने छी कितना गंदा होता है लंड तुम्हें पता भी है कभी चूत में घुसता है तो कभी गाँड में | इसका तो काफी बड़ा और मोटा भी है तो कम से कम बच्चेदानी तक जाता होगा इसलिए मुझे तो घिन आती है ओ0 |

तब तक पायल भी पूरी नंगी हो चुकी थी वो बोली कि अगर आपको गंदगी के कारण घिन आ रही है तो कोई बात नही भाभी मैं इसे साबुन से एकदम साफ कर दूँगी और पायल मेरा लंड पकड़ कर खींचती हुई बाथरूम में ले गई और मेरे लंड पर साबुन लगाकर अच्छी तरह साफ करने लगी | मैं अपने लंड के आसपास के सभी बालों को वीट क्रीम से डेली नहाने से पहले साफ करता था ताकि एक भी बाल न रहे इसलिए मेरा गोरा लंड एकदम खड़ा होकर चमक रहा था जिसे काया भाभी मुँह में लेने से अभी भी घबरा रही थी तो पायल ने कहा भाभी अब तो लंड बिल्कुल साफ है इसे चुसो न ? तो काया भाभी ने कहा कि मैंने आज तक लंड चूसा नही है तो पायल ने कहा कि कोई बात नही मैं आपको सीखा दूँगी ओ0 के0 और पायल ने मेरा लंड चूसना शुरू कर दिया |

पायल का लंड चूसना इतना कामुक था कि उसके आगे कितना भी ताकतवर लंड क्यों न हो वो 10 मिनट में पूरा बीज निचोड़ लेती है | मेरी तुरंत ही कामुक सिसकारियां फूटने लगी जिसे सुनकर और पायल को देखकर काया भाभी को भी जोश चढ़ गया और वो मेरे पोते चूसने लगी हालाँकि मेरे पोते भी बहुत बड़े हैं और हर समय बीज से भरे रहने के कारण बहुत ही टाइट रहते हैं |

काया भाभी के मुँह में न आने के कारण वो उन्हें जीभ से चाटने लगी इधर काया भाभी को मेरे पोते चाटते हुए पायल ने देखा तो उसने अपने मुँह से मेरा लंड निकाल दिया और काया भाभी से कहा कि अब आप चुसो तो काया भाभी ने आव देखा न ताव उन्होंने मेरा लंड अपने मुँह में लेने की कई बार कोशिश की लेकिन लंड की मोटाई ज्यादा होने के कारण मेरा लंड उनके मुँह में नही जा पा रहा था तो पायल बोली कि भाभी लंड को मुँह में लेने से पहले यदि लंड ज्यादा मोटा हो तो सबसे पहले उसका सुपाड़ा पूरी तरह खोल लेना चाहिए फिर उसके बाद हाथ से लंड को ऊपर की और मोड़ना चाहिए और फिर झट से मुँह लगाकर धीरे धीरे अंदर लेना चाहिए लेकिन ध्यान रहे जब लंड मुँह में जाये आपकी जीभ तालू से लगी होनी चाहिए तभी लंड आपके मुँह में जा पायेगा अन्यथा नहीं |

उसके बाद भाभी ने वैसा ही किया जैसा पायल ने समझाया था मतलब धीरे धीरे करके भाभी ने अपने मुँह में मेरा पूरा लंड निगल लिया और उसे लॉलीपाप की तरह चूसने लगी सेम टू सेम पायल की तरह चूस रही थी जिससे मैं उस समय ऐसा महसूस कर रहा था जैसे भाभी नही मेरा लंड पायल चूस रही हो और मैं बहुत जोर जोर से कामुक आहें भरने लगा तभी कुछ देर बाद मेरे लंड ने भाभी के मुँह में पिचकारी छोड़ दी तो भाभी ने मेरा लंड अपने मुँह से निकाल दिया और जैसे ही वो मेरे बीज को थूकने वाली थी तभी पायल ने उन्हें रोक दिया और बोली कि भाभी इस अमृत को थूकना मत, पी जाओ इसे | ये बहुत पौष्टिक होता है इसके पीने से एक तो आपके शरीर में कहीं भी फैट नहीं रहेगा और आपका रूप निखर जाएगा | अगर आपको मेरी बात पर यकीन ना हो तो आप किसी भी सेक्स स्पेशलिस्ट से जानकारी ले लेना |

अगर मेरी बात दकियानूसी हुई तो मैं आपकी हमेशा ही गुलामी करूँगी | पायल की बात सुनकर भाभी ने मेरा पूरा बीज गटक लिया और मेरे लंड को भी चाट चाट कर साफ कर दिया | उसके बाद मुझसे वादा लिया कि जब तक तू यहाँ है तब तक रोजाना सुबह शाम मुझसे अपना लंड चुसवायेगा और उसका बीज भी मुझे पिलायेगा | मैंने काया भाभी को ओ0 के0 बोला और पायल से कहा कि वो मेरा साबुन से अच्छे से साफ करे तो काया भाभी ने जवाब दिया कि तू उस बेचारी को क्यों परेशान करता है? वो आज से मेरी गुरु है और में उनकी शिष्या क्योंकि उन्होंने मुझे लंड चूसना जो सिखाया है इसलिए जब तक तू यहाँ है तब तक मैं ही तेरा सब कुछ करूँगी ओ0 के0 तो मैंने काया भाभी से कहा कि भाभी वो भी तो एक लड़की है और उसकी भी अपनी इच्छायें हैं रात को पार्लर बंद करने से पहले मैं पायल को चोदता हूँ और अपना बीज भी पिलाता हूँ |

जब आप मेरा लंड चूसकर बीज पियोगी तो क्या उसका मन नही करेगा? तो भाभी बोली कि लंड मैं और पायल मिलकर चूस लिया करेंगे और चुद भी लिया करेंगे लेकिन तेरा बीज मैं ही पियूंगी तो पायल बोली कि ठीक है भाभी आप ही पी लेना अब खुश? फिर दोनों ने मेरा लंड और पोते साबुन लगाकर साफ किये | उसके बाद काया भाभी के पास बॉबी भैया का फ़ोन आया कि कुछ क्लाइंट्स के आर्डर लेने के कारण मैं और मेरे बॉस को 3 से 4 चार दिन और लगेंगे अमेरिका में उसके बाद हम लोग सिडनी (ऑस्ट्रेलिया) जायेंगे मतलब हमें इंडिया पहुँचने में 10 से 12 दिन का समय लगेगा तो भाभी ने मेरी जयपुर आने की बात भैया को बताई तो भैया बहुत खुश हुए और बोले कि विशु एक काम करना तू अपनी भाभी के साथ परसों यानी कि दौज वाले दिन उसके मायके चले जाना ताकि वो अपने भाई की दौज कर सके तो मैंने ओ0 के0 कहा तभी भैया ने फोन काट दिया|

उसके बाद मैं और पायल नहा धोकर बिना कपड़ों के सो गए क्योंकि काया भाभी ने हम दोनों से कहा कि तुम दोनों बिना कपड़ों के ही रजाई ओढ़ के सो जाओ तो हम दोनों बिना कपड़ों के ही सो गए | शाम के करीब 6 बजे काया भाभी ने मेरा लंड चूसकर मुझे जगाया और पायल की चूत में उँगली डालकर उसकी निद्रा भंग की | फिर हम सबने तैयार होकर लक्ष्मी पूजन किया और उसके सभी पडोशियों से मिलकर दीवाली की शुभकामनाएं एक दूसरे को दी और पटाखे भी चलाये | रात को करीब 12:30 बजे काया भाभी ने सभी को आवाज़ दी कि अब सोना नही है पटाखे ही चलाते रहोगे? तो मैं और पायल घर के अंदर आ गए और सोने की तैयारी करने लगे |

हम तीनों ही एक डबल बैड पर इस तरह से सोये की मैं पायल और भाभी के बीच में था | खैर सुबह हुई तो हम सब फ्रेश हुए और नाहा धोकर पूजा की क्योंकि उस दिन गोवेर्धन की पूजा की जाती है | खैर जैसे तैसे वो दिन भी गुजर गया अगले दिन हम तीनों सुबह ही तैयार होकर कार के द्वारा भाभी के गाँव पहुँचे जो जयपुर से 20 किलोमीटर आगरा रोड पर था | भाभी के घर पहुँच कर मैं एक दम चौंक गया भाभी की एक छोटी बहन थी जो हूबहू भाभी की तरह ही दिखती थी | अगर उसको साड़ी पहना दी जाए और उसका पूरा श्रृंगार कर दिया जाए तो मैं क्या कोई भी यह फर्क नही कर सकता कि वो शनाया (बदला हुआ नाम) है या काया ?

खैर जैसे तैसे इधर उधर की मीटिंग में दिन का कुछ समय गुजर गया और काया भाभी ने शनाया के साथ खाना बनाया क्योंकि भाभी की माँ को दिखाई नही देता था और काया भाभी की भाभी दिल्ली में ही रह गई थी क्योंकि वो भी अपने भाइयों को तिलक करने गई थी | इसलिए काया भाभी के भैया भी दिल्ली लौट गए तो मेरा मन नही लग रहा था तो करीब शाम के 4 बजे काया भाभी बोली कि चलो हम सभी खेत पर चलते हैं | विशु तू हमारे खेत भी देख लेना तब तक हम तीनों वहीं फ्रेश भी हो लेंगे तो मैंने ओ0 के कहा और हम सभी खेत की ओर चल पड़े | जितनी देर में वो तीनों फ्रेश होने गई तो मैंने सोचा क्यों न ट्यूब वैल के नीचे नहा लिया जाय तो मैं अपने कपड़े उतार कर वहीं पानी के हौद में कूद गया और नहाने लगा | ट्यूब वैल के चलने से पानी एकदम ताज़ी मतलब गरम गरम आ रहा था इसलिए मुझे बहुत आनन्द आ रहा था तभी अचानक से ट्यूब वेल बंद हो गया तो मैं बाहर आकर कपड़े पहनने की सोची तो देखा मेरे कपड़े वहाँ से गायब थे |

मैं एकदम परेशान हो गया कि मैं हौद से बाहर कैसे निकलूँ क्योंकि मैं नीचे से बिल्कुल नंगा था | जब मैंने देखा की मेरे कपड़े कुछ दूर एक पेड़ पर टँगे हुए हैं तो मैं तुरंत ही पानी से बाहर निकला और भागता हुआ कपड़ों के पास पहुँचा और झट से कपड़े पहन लिए | जैसे ही मैंने कपड़े पहने वैसे ही शनाया मेरे सामने आ गई | मैं एकदम से चौंक गया और मैंने काया भाभी और पायल के बारे में पूछा तो उसने बताया कि वो दोनों वहाँ फ्रेश होने के लिए बैठी हैं तो मैंने उसे पूछा कि आप नही गई वहाँ फ्रेश होने? तो उसने मना कर दिया कि नही मैं आपके कपडों की रखवाली कर रही थी क्योंकि यहाँ पर बंदर बहुत हैं और अगर वो आपके कपड़े ले जाते तो? तो मैंने उसे पूछा तो क्या मेरे कपड़े वहाँ से उठाकर पेड़ पर आपने ही टाँगे थे तो वो बोली कि हाँ मैंने ही टाँगे थे और मैं वहीं बैठकर आपके कपड़े देख रही थी | थोड़ी देर बाद ही काया भाभी और पायल भी आ गई और हम घर की और चल पड़े क्योंकि अंधेरा होने को था |

अतः हम सभी कुछ देर बाद घर पहुँच गए तो वो तीनो ही खाने की तैयारी में लग गई और थोड़ी देर बाद हम सबने मिलकर खाना खाया और इधर उधर की बातें करते हुए टीवी देखते रहे और सो गए | रात को मुझे कुछ ऐसा एहसास हुआ कि मेरे शरीर पर कुछ रेंग रहा है तो मेरी तुरंत ही आँख खुल गई और देखा कि कमरे में एकदम से घुप्प अँधेरा है तो मैंने समझा शायद पायल मेरा लंड चूसने आई होगी मैं ये सब सोच ही रहा था तब तक उसने मेरे होंठों पर अपने होंठ रख दिये और उसने अपने सारे कपड़े उतार दिए फिर एक एक करके मेरे भी सभी कपड़े उतार दिए और मेरी रजाई में घुस गई तो मैने भी उसे अपनी बाँहों में भर लिया और उसे हर जगह चूमने लगा तो मुझे शरीर की नाप से यह तय हो गया कि पायल नही काया भाभी थी और मैंने उसे चूमना शुरू कर दिया और धीरे धीरे उसके बूब्स पर आ गया और एक हाथ से उसके बूब्स दबाने लगा और पीने भी लगा तो मुझे थोड़ा डाउट से हुआ कि काया भाभी के बूब्स बड़े तो थे लेकिन मुलायम थे जबकि ये थोड़े से कठोर थे |

खैर मैं थोड़ा और नीचे आया और उसकी नाभि में अपनी जीभ डालकर चाटने लगा तो थोड़ा सिसकी और उसने मुझे अपने से चिपका लिया कुछ देर बाद हम 69 की अवस्था में हो गए और जैसे ही मैंने अपनी जीभ उसकी चूत पर रखी तो मुझे उस चूत पर बालों का जंगल था तो मुझे कुछ शक हुआ कि काया भाभी की चूत तो एकदम चिकनी थी और पायल अपनी चूत रोजाना साफ करती है इसका मतलब ये काया भाभी नही बल्कि उनकी छोटी बहन शनाया थी तो मेरे हाथ वहीं ठिठक गए ड़ी देर बाद म वोेरे कान में धीरे से फुसफुसाते हुए बोली मैंने आज जब ट्यूब वैल पर जब आपका लंड देखा तब से मैं अपने आप पर कंट्रोल नही रख पाई |

तो मैंने फिर से अपने काम लीला की शुरुआत की | इधर मेरे लंड को सहलाने से मेरा लंड लोहे की एक गरम रॉड की तरह तन गया और उसका सुपाड़ा एक बड़े मशरूम की तरह फूल गया और एकदम लाल पड़ गया इधर शनाया ने मेरे कान में धीरे से फुसफुसाते हुए कहा कि जीजू अब मुझे और मत तड़पाइये अपना मूसल मेरी चूत में पेल दीजिये और मेरी चूत की चटनी बना दीजिये क्योंकि मुझसे थोड़ी ही दूरी पर पायल और काया भाभी सो रही थी।

उन दोनों को उसकी आवाज़ सुनाई न पड़े इसलिए उसने कान में कहा तो मैंने भी मौके की नजाकत को समझते हुए शनाया की चूत के पास आ गया और वो दर्द के कारण चीखे न इसलिए मैंने उसके होंठो पर अपने होंठ टिका दिया और उसके कान में कहा कि वो मेरे लंड को पकड़ कर अपनी चूत के छेद पर रखे मैं धक्का लगाता हूँ तो उसने एक आज्ञाकारी बच्चे की तरह मेरा लंड पकड़ कर अपनी चूत पर रख लिया और मुझे धक्का लगाने को कहा तो मैंने धक्का लगाने से पहले उसके होंठो पर अपने होंठ रख दिये और एक पूरी ताकत से एक जोरदार धक्का लगा दिया जिससे मेरा लंड उसकी चूत को फाड़ता हुआ करीब 3 इंच तक घुस गया और वो दर्द से आह निकल गई लेकिन होंठ फँसे होने के कारण वो गूँ गूँ करके रह गई पर मैंने उस पर रहम न करते हुए अपने लंड को उसकी चूत से बिना निकाले पूरा लंड बाहर खींचा और फिर से दुगुनी ताकत के साथ दूसरा जोरदार धक्का लगा दिया जिससे मेरा लंड शनाया की चूत में करीब 7 इंच तक घुस गया जिससे उसकी दर्द के कारण एकदम आँखें बाहर को आ गई और उसका बदन थर थर काँपने लगा

लेकिन फिर भी मैंने उस पर कोई भी रहम नही किया और ताबड़तोड़ दो धक्के और लगाए जिससे मेरा लंड उसकी चूत में जड़ तक घुस गया जिसका एहसास उसे उसके चूत के नीचे मेरे पोते टकराने से हो गया था और जब मेरा पूरा लंड उसकी चूत में घुस गया तो मैं 2 मिनट के लिए रुक गया लेकिन मेरा लंड उसकी बच्चेदानी तक पहुँच गया था जिससे उसकी चूत में बहुत जलन हो रही थी तो उसने मेरे कान में कहा कि जीजू मेरे बहुत दर्द हो रहा है तो मैंने उसके होंठ छोड़कर उसके एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और दूसरे दूध को हाथ से मसलना शुरू कर दिया |

करीब उसके दूध को चूसते और मसलते हुए मुश्किल से 5 मिनट ही हुए होंगे कि उसका दर्द मजे में बदल गया और वो नीचे से अपनी कमर हिलाने लगी तो मैं समझ गया कि उसे अब मजा आ रहा है यह सोचकर मैंने भी धीरे धीरे अपने धक्के चालू कर दिए | जैसे ही मैंने धक्के लगाना चालू किये तो खटिया चर्र चर्र की आवाज़ करने लगी तो मैंने उसे बिना उसकी चूत से लंड निकाले उसे गोद में उठा लिया और जमीन पर नीचे लिटाकर धक्के लगाना शुरू कर दिया तभी उसने मेरे कान में कहा कि जीजू बहुत मजा आ रहा है धक्के और तेज लगाओ | ऐसा सुनते ही मैंने अपने धक्के शताब्दी एक्सप्रेस की स्पीड से लगाना शुरू कर दिया और उसे अलग अलग मुद्राओं में करीब 75 मिनट तक चोदा |

तब तक वो करीब 5 बार झड़ चुकी थी लेकिन मैं झड़ने से दूर था और जब मैं झड़ने के करीब आया तब तक पायल अपनी चारपाई पर बैठ गई लेकिन शनाया अपने मजे में मस्त होकर आहें भर रही थी | शनाया की आहें सुनकर पायल मेरे पास आई और अंधेरे का फायदा उठाकर वहीं मेरी चारपाई पर चुपके से बैठ गई तो मैंने उसे कहा कि शनाया मैं झड़ने वाला हूँ तो वो बोली कि मेरी चूत में मत झड़ना नही तो गड़बड़ हो जाएगी | इन सब बातों को पायल सुन रही थी तो उसने मेरी पीठ पर हाथ मारते हुए इशारा किया तो मैंने शनाया की चूत से गंदा लंड निकाला और पायल के मुँह में दे दिया और उसके मुँह में धक्के मारने लगा |

तभी कुछ देर बाद मेरे लंड ने पायल के मुँह में पिचकारी छोड़ दी और फिर लगातार पिचकारी पर पिचकारी छोड़ता रहा और पायल ने भी मेरा लंड तब तक नही निकाला जब तक कि उसकी एक एक बूँद नही निकल गई फिर पायल ने ही मेरे लंड को चाट चाट कर साफ किया | इधर शनाया अपनी चूत मरवाकर अपने सभी कपड़े उठाकर नंगी ही दूसरे कमरे में लंगड़ाते हुए भाग गई और जब वो चली गई तो मुझे अपने बिस्तर पर कुछ गीला गीला से लगा तो मैंने पायल से कमरे की लाइट जलाने को कहा तो जब पायल ने लाइट जलाई तो मैंने देखा कि मेरे बिस्तर पर खून का एक गोल घेरा बन गया था तो पायल को यह समझते देर न लगी कि अभी अभी मुझसे शनाया चुद कर गई है | तो बताइए दोस्तों, आप सब को मेरी कहानी कैसी लगी?

दोस्तों, आप सबसे मेरी विनती है कि कृपया कमेन्ट मेरी आई0 डी0 पर मेल करके दें | मेरी मेल आई0 डी0 है : [email protected] | आप अगर चाहें तो मुझे फेसबुक पर भी मिल सकते है मेरी फेसबुक आई0 डी0 है : [email protected]

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गांड मारने की प्रक्रिया मे मजा आया | hindisexstories.autocamper-service.ru //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/gaand-marane-ki-prakariya-me-maja-aaya.html //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/chudai-ki-kahani/gaand-marane-ki-prakariya-me-maja-aaya.html#respond Sat, 09 Mar 2019 12:38:06 +0000 //hindisexstories.autocamper-service.ru/youjizzmobileporn/?p=14428 उन्होने अपनी चूतडो को मेरी तरफ कर लिया वह कहने लगी आप मेरी चूत मार लो। मैंने अपने लंड को भाभी की चूत के अंदर डाल दिया मेरा लंड चूत में घुसा तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उनकी चूत के अंदर लंड को डाल दिया था जिससे कि उन्हें बहुत दर्द होने लगा.

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मैं काम के सिलसिले में मुंबई चला आया क्योंकि हमारा शहर बहुत छोटा है और वहां पर मुझे ऐसा कुछ नहीं लगा कि मेरा भविष्य बन पाएगा इसलिए मैं वहां से मुंबई चला आया, मैं जब मुंबई आया तो मुझे कंपनी में नौकरी मिल गई और मैं वहां पर काम करने लगा मेरी तनख्वाह भी अच्छी थी। मैं पहले अपने दोस्तों के साथ रहा करता था लेकिन उसके बाद मैंने अकेले रहने का निर्णय किया और मैं अकेले एक फ्लैट में रहने लगा लेकिन मुझे मेरे बचपन के दोस्त का फोन आया और वह भी कहने लगा कि वह मेरे साथ रहना चाहता है इसलिए मैंने उसे अपने साथ रख लिया उस वक्त उसके पास भी कोई नौकरी नहीं थी और कुछ समय बाद ही उसकी भी जॉब लग गई अब हम दोनों एक साथ रहा करते है और एक दूसरे के साथ हम दोनों घूमने जाया करते हैं।

मेरे ऑफिस के भी कुछ दोस्त है लेकिन उनके साथ मैं कम ही जाया करता था मुझे मुंबई में 6 महीने हो चुके थे और 6 महीने से मैं घर भी नहीं गया था मैंने सोचा कि चलो 6 महीने बाद घर जाना हो रहा है तो अपने परिवार वालों के लिए कुछ लेकर जाया जाए, मैं अपने घर पर गया तो मैं सबके लिए कुछ ना कुछ लेकर गया क्योंकि मेरे परिवार में मेरे भैया भाभी और मम्मी पापा और मेरी एक छोटी बहन है जो कि अभी पढ़ाई कर रही है मैं सब लोगों के लिए कुछ ना कुछ गिफ्ट लेकर गया था और जैसे ही मैं घर पहुंचा तो सब लोग मुझे देखकर खुश हो गए, मैं भी 6 महीने बाद उन लोगों से मिला था इसलिए मेरे चेहरे पर भी एक मुस्कान आ गई और मैं बहुत खुश हो गया।

मेरी मम्मी ने मुझे पूछा कि बेटा तुम घर पर कितने दिन रुकोगे, मैंने मम्मी से कहा मैं ज्यादा दिन तो नहीं रुक पाऊंगा लेकिन 15 दिन तक तो मैंने ऑफिस से छुट्टी ली है, मम्मी कहने लगी चलो तुमने अच्छा किया जो छुट्टी ले ली क्योंकि इस बीच में घर का भी कोई काम था, मैंने मम्मी से पूछा कि अभी तो मुझे आराम करने दो मैं बहुत ज्यादा थक चुका हूं और मुझे बहुत नींद आ रही है मम्मी कहने लगी बेटा तुम जाकर सो जाओ।

फिर मैं जाकर अपने रूम में लेट गया मुझे बहुत गहरी नींद आ गई और मुझे कुछ पता ही नहीं चला मैं जब उठा तो भाभी मेरे लिए चाय लेकर आई और कहने लगी देवर जी आप तो हमसे बात भी नहीं कर रहे, मैंने उन्हें कहा भाभी मैं बहुत ज्यादा थक गया था क्योंकि रात को मुझे ट्रेन में बिल्कुल भी नींद नहीं आई ट्रेन में एक परिवार था जिनके की छोटे बच्चे थे वह रात भर ट्रेन में रोते रहे जिसकी वजह से मुझे नींद ही नहीं आई और मैं सो भी नहीं पाया। भाभी और मैं एक दूसरे से बात करने लगे भाभी कहने लगी चलो मैं अभी चलती हूं आप तब तक फ्रेश हो जाओ, मैं फ्रेश होकर कुछ देर अपने मोबाइल पर गेम खेलने लगा और मैंने साथ साथ चाय पी ली, मैं जब हॉल में गया तो मम्मी कहने लगी बेटा हम लोग सोच रहे थे कि ऊपर की मंजिल पर घर बना लिया जाए क्योंकि तुम्हारे पापा चाह रहे हैं कि हम लोग उपर भी घर बना ले.

मैंने मम्मी से कहा हां तो आप लोग काम शुरू करवा दो इसमें कौन सी कोई दिक्कत की बात है, मम्मी कहने लगी लेकिन पैसे भी तो चाहिए पापा के पास तो इतने पैसे नहीं हैं, मैंने उन्हें कहा मेरे अकाउंट में कुछ पैसे हैं मैं पापा को वह दे देता हूं और आप लोग इसी बीच में काम शुरू करवा दो। पापा ने अगले दिन से काम शुरू करवा दिया, घर का भी काम लगा हुआ था जिस वजह से घर में काफी गंदगी होने लगी थी लेकिन मुझे यह संतुष्टि थी कि कम से कम घर का काम शुरू हो चुका है क्योंकि परिवार भी अब बढ़ने लगा था लेकिन इस बीच ऐसी बात हुई जिससे कि मुझे बहुत बुरा लगा, मैंने देखा एक दिन भाभी किसी से फोन पर बात कर रही है और वह बहुत देर से फोन पर बात कर रही है क्योंकि भैया तो घर पर होते नहीं है इस वजह से उन्हें फोन पर बात करने का मौका मिल जाता है.

मैंने जब सुना कि वह किसी व्यक्ति से बात कर रही थी तो मुझे बहुत बुरा लगा मैंने इस बारे में भाभी से बात करने की सोची और उनसे मैंने इस बारे में बात की तो वह कहने लगी देवर जी ऐसी कोई भी बात नहीं है आप शायद गलत समझ रहे हैं, मैंने भाभी से कहा देखिए भाभी भैया आपसे बहुत प्यार करते हैं और इन सब चीजों की वजह से रिलेशन में दरार पैदा हो जाती है यह सब आपको बिल्कुल भी शोभा नहीं देता, वह कहने लगी यदि आपको ऐसा लगा हो तो मैं उसके लिए आपसे माफी मांगती हूं क्योंकि वह मेरी बड़ी इज़्ज़त करती हैं और मैं भी उनकी बहुत इज्जत करता हूं।

मैं अपनी जगह बिल्कुल सही था वह किसी और पुरुष से बात कर रही थी लेकिन मेरे समझाने से शायद उन पर थोड़ा फर्क पड़ गया जिससे कि वह फोन पर अब किसी से भी बात नहीं करती। एक दिन वह मुझे कहने लगे देवर जी हम लोग कहीं घूमने का प्लान बनाते हैं तुम्हारे भैया तो कहीं घुमाने के लिए भी हमें लेकर नहीं जाते, मैंने कहा चलो फिर आज ही हम लोग घूमने का प्लान बनाते हैं भैया जैसे ही ऑफिस से आते हैं तो हम सब लोग आज बाहर ही जाकर डिनर कर आते हैं, भैया जैसे ही ऑफिस से आए तो मैंने भैया से कहा कि आप जल्दी से फ्रेश हो जाइए हम लोग आज साथ में घूमने के लिए बाहर जा रहे हैं, भैया कहने लगे आज मैं बहुत थका हूं.

मैंने भैया से कहा लेकिन आप को चलना ही होगा मेरी जिद करने पर वह मेरे साथ आने को तैयार हो गए पापा मम्मी तो पहले से ही तैयार हो चुके थे और मेरी बहन भी अपने रूम में तैयार हो रही थी, भैया भी फ्रेश होने के लिए अपने कमरे में चले गए, सब लोग तैयार हो चुके थे पापा अपनी कार को बहुत कम ही बाहर निकालते हैं। मैंने उस दिन कार स्टार्ट की तो कार स्टार्ट ही नहीं हो रही थी मैंने पापा से कहा कि आप कार लेकर नहीं जाते, वह कहने लगे बेटा मुझे कहां समय मिलता है तुम्हें तो पता ही है कि ज्यादातर समय मैं घर पर ही रहता हूं।

काफी समय बाद कार स्टार्ट हुई तो पापा कहने लगे चलो तुमने कार स्टार्ट कर ही दी सब लोग कार में बैठ गए और हम लोगो ने उस दिन साथ में डिनर किया, उस दिन सबके चेहरे पर खुशी थी मैं भी काफी समय बाद अपने परिवार के साथ इतना अच्छा समय बिता पा रहा था जिसकी वजह से मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था उस दिन सब लोगों को एक साथ में समय बिताने का अच्छा मौका मिल गया और हम लोग वहां से घर लौट आए, मैं अपने मम्मी पापा के साथ कुछ देर बैठा रहा क्योंकि मुझे तो अपने ऑफिस जाना नहीं था भैया और भाभी सोने के लिए चले गए मेरी छोटी बहन भी अपने रूम में सोने के लिए चली गई।

पापा मम्मी और मैं बैठ कर बात करते रहे मैंने पापा से पूछा कि आपने कुछ पैसे मामा जी को भी दिए थे क्या मामा जी ने पैसे लौटा दिए हैं? वह कहने लगे हां उनसे मैंने कुछ दिनों पहले ही पैसे ले लिए थे क्योंकि घर का काम भी करवाना था इस वजह से मैंने उनसे पैसे ले लिए थे, उसके बाद मुझे भी बहुत नींद आने लगी और मैंने पापा से कहा कि मैं भी सोने जा रहा हूं, मैं अपने रूम में सोने के लिए चला गया।

मैं देखा कि कोई रात को भैया के रूम के अंदर चला गया। मैं जब रूम के अंदर गया तो मैंने देखा भाभी किसी व्यक्ति के साथ नग्न अवस्था में थी और भैया बहुत गहरी नींद में थे। मैं इस बात से पूरी तरीके से चौक गया मैंने उस व्यक्ति के सर पर एक जोरदार प्रहार किया जिससे कि वह बेहोश हो गया। मैंने भाभी से कहा अच्छा तो आप यह गुल खिला रही हैं। वह मेरे पास आकर मुझसे चिपक गई और मुझे कहने लगी यह व्यक्ति मेरे साथ जबरदस्ती कर रहा था। मैंने भाभी से कहा देखो भाभी कोई किसी के साथ जबरदस्ती नहीं करता आपको शायद कुछ ज्यादा ही सेक्स की भूख है आपने ही इस व्यक्ति को घर पर बुलाया था।

भाभी मेरे पैर पकड़कर रोने लगी उन्होंने जब मेरे लंड को मेरे पजामे से बाहर निकाला तो वह मेरे लंड को अपने मुंह में लेने लगी। मैं समझ गया भाभी बहुत बड़ी जुगाड़ है उन्होंने मेरे लंड को अपने गले तक लेकर सकिंग करना शुरू कर दिया और अपने मुंह में लेने लगी। उन्होने अपनी चूतडो को मेरी तरफ कर लिया वह कहने लगी आप मेरी चूत मार लो। मैंने अपने लंड को भाभी की चूत के अंदर डाल दिया मेरा लंड चूत में घुसा तो वह चिल्लाने लगी। मैंने उनकी चूत के अंदर लंड को डाल दिया था जिससे कि उन्हें बहुत दर्द होने लगा, वह भी अपनी चूतडो को मुझसे मिलाने लगी मैंने कहा भाभी आप तो बड़ी जुगाड़ हो। वह मुझे कहने लगी तुम्हें क्या बताऊं तुम्हारे भैया के अंदर को बिल्कुल भी दम नहीं है यदि मैं यह बात किसी को बताती तो शायद कोई भी मुझ पर यकीन नहीं करता इसीलिए मुझे बाहर वाले से अपनी सेक्स की भूख मिटाना पड रही थी।

मैंने उनकी चूत बहुत देर तक मारी उन्होंने मुझे कहा आप मेरी गांड भी मार लीजिए। मैंने अपने लंड को हिलाते हुए उनकी गांड के अंदर लंड को प्रवेश करवा दिया। जैसे ही मेरा तो मुझे बहुत मजा आ रहा था वह बड़ी तेजी से सिसकिया लेनी लगी वह अपनी गांड को मुझसे बड़े अच्छे से मिला रही थी। जब वह व्यक्ति होश में आ गया तो मैंने उसे कहा आज के बाद तुम यहां कभी देखना भी मत यदि आज के बाद तुम यहां कभी दिखे तो मैं तुम्हें पुलिस स्टेशन में बंद करवा दूंगा। वह व्यक्ति चुपचाप वहां से निकल लिया मैं भी अपने कमरे में जाकर सो गया मुझे बहुत ज्यादा गहरी नींद आ गई थी।

जब मैं सुबह उठी तो मैंने देखा भाभी मेरे कमरे में चाय लेकर आई हुई है वह मुझे देखकर मुस्कुरा रही हैं। मैंने जब उनकी गांड की तरफ देखा तो वह अपनी गांड को मटका रही थी। मैंने उन्हें अपने पास बुलाया और सुबह-सुबह उनकी गांड मारकर मैंने उन्हें गुड मॉर्निंग कहा।

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